॥ राधाया हृदये कृष्णः कृष्णस्य हृदि राधिका ॥
Khatu Shyam - Holi ke Rashiya Bhav
खाटू श्याम - होली के रसिया भाव

॥ राधे राधे ॥

Shrijirasik
म्हारे होली खेलन आइये हो ओ गिरधर गोपाला,
बाबा मैं तेरी राह देखू गी,
तू मत न बार लगाइए हो, ओ गिरधर गोपाला,
म्हारे होली खेलन आइये हो ओ गिरधर गोपाला,
चुपके चुपके चालेया आइये,
तू मत न वार लगाइए ओ गिरधर गोपाला,
म्हारे होली खेलन आइये हो ओ गिरधर गोपाला,
दूध मलाई देयु गी खान ने,
तू माखन मिशरी खाइए ओ गिरधर गोपाला,
म्हारे होली खेलन आइये हो ओ गिरधर गोपाला,
लाल गुलाबी हरे हरे रंग की,
तू भर पिश्कारी लाइए हो,ओ गिरधर गोपाला,
म्हारे होली खेलन आइये हो ओ गिरधर गोपाला,
मैं कान्हा तेरा रंग रस लुंगी,
तू गुलाल लगाइए हो ओ गिरधर गोपाला,
म्हारे होली खेलन आइये हो ओ गिरधर गोपाला,
तेरे प्यार की दुनिया प्यासी,
तू मत ना वार लगाइए हो,ओ गिरधर गोपाला,
म्हारे होली खेलन आइये हो ओ गिरधर गोपाला,
Shrijirasik
फागण की मस्ती में झूमे श्याम दीवाना मेरा मन,
रंगो की वर्षा होगी तो रंग जाएगा सारा तन,
होली खेले खेले होली, होली खेले हो हो होली श्याम के संग में....
श्याम से कह देना सब मिलके आज ना कोई चाल चले,
जी भर के फिर रंग लगाना हो जाए नीले पीले,
छेड़ छाड़ करले जी भर के मौका है रे ये पावन,
नाच रहा है सांवरिया और बाज रहे हैं ढोल और चंग,
होली खेले खेले होली, होली खेले हो हो होली श्याम के संग में...
श्याम रंगीला पूरा रंग में आज तो हमको लागे है,
सबके संग में होली खेले झूम झूम के नाचे है,
एक जैसा होली में लगता खाटू और वृन्दावन,
रोक ना पायेगा टीटू जब चढ़ जाए भक्ति का रंग,
होली खेले खेले होली, होली खेले हो हो होली श्याम के संग में....
Shrijirasik
कर विश्वास चले खाटू हम, ले हाथों में हाथ,
अबकी होली खेलेंगे, हम सांवरिया के साथ,
अबकी फागण ठान लिया मैने, अपने दिल ये बात,
हो..अबकी खेलेंगे होली, अपने सांवरिया के साथ……….
रंग रंगीला होगा फागण,
बरसेगा रंग श्याम के आंगन,
श्याम रंग की बौछारों से,
भीग जाएगा मेरा तन मन,
यादगार होगी बाबा से, अपनी मुलाकात,
हो..अबकी खेलेंगे होली, अपने सांवरिया के साथ.....
रिंगस से जयकार लगाकर,
श्याम नाम की ध्वजा उठाकर,
झूमते गाते चलेंगे पैदल,
कदम रुकेंगे खाटू आकर,
ध्वजा चढ़ाकर करनी है, कुछ,अपने दिल की बात,
हो..अबकी खेलेंगे होली, अपने सांवरिया के साथ......
फागण मेला श्याम का आया,
पागल जिसने सबको बनाया,
किस्मत वाला हूं मै कुंदन,
श्याम ने मुझको खाटू बुलाया,
श्याम कृपा की होती फकीरा, खूब यहां बरसात,
हो..अबकी खेलेंगे होली, अपने सांवरिया के साथ……..
Shrijirasik
श्याम नाम रंग बरसेगा फागण में,
चलो खेलेंगे होली वृन्दावन में......
रंग रसिया होली रंग बरसाए,
अपने ही रंग में ये सबको रंगाये,
ऐसा मौका मिलेगा ना जीवन में,
चलो खेलेंगे होली वृन्दावन में......
बांके बिहारी की झांकी सजेगी,
बृज धाम में भारी भीड़ लगेगी,
बड़ा आनन्द है श्याम के आंगण में,
चलो खेलेंगे होली वृन्दावन में.......
रंग और गुलाल से भर भर के थाली,
इस बार की होली होगी निराली,
सौरभ मधुकर तमन्ना ये है मन में,
चलो खेलेंगे होली वृन्दावन में......
Shrijirasik
फागुन का है मेला आया मेरे लखदातार,
जम कर होली खेले गे तेरे संग में ओ लखदातार,
लाल गुलाल लगा कर खेलु होली सँवारे,
जो प्रेमी रंग गये तेरे रंग में हो गये वनवारे,
हम सब मिल कर तुम्हे मनाये मेरे लखदातार,
जम कर होली खेले गे तेरे संग में ओ लखदातार,
तेरे दर पे धूम मची है प्रेमी नाचे है,
तेरे दर आवन खातिर दिल यो मचे है,
तेरे दर पे सांवरियां हमे खुशियां मिले अपार,
जम कर होली खेले गे तेरे संग में ओ लखदातार,
दूर दूर से प्रेमी तेरे दर पे आये है,
फागुन का त्यौहार तेरे दरबार मनावे है,
गुलाम हो गया मिठू तेरा कहता हर बार,
जम कर होली खेले गे तेरे संग में ओ लखदातार,
Shrijirasik
होली खेलण ने साँवरिया, बरसाना तू आजे रे,
राह निहारु आपरी तू बेगो आजे रे,
होली खेलण ने.....
राधा ने लाजे साँवरिया रूकमण ने लाजे रे,
गोकुल रा गोपाल, संग सुदामा लाजे रे,
होली खेलण ने.....
लाल -पिली, हरी - केशरी रंग गुलाल होली रे,
भर पिचकारी छोड़ू साँवरिया, रंग उडालू रे,
होली खेलण ने.....
लठमार होली मारे, बरसाना में खेले रे,
संग सहेलिया बोले माने, मोहन न खेले रे,
होली खेलण ने.....
माता तो वरजे थाने, बरसाना मत जाजे रे,
नन्द बाबा बोले कान्हा, संग लेजाईज्ये रे,
होली खेलण ने.....
बरसाना री गुजरी ने, कृष्ण आज बुलाये रे,
धरम तंवर चरना रे माई ,शीश नमाये रे,
होली खेलण ने.....
Shrijirasik
तर्ज - खाइके पान बनारस वाला
ओ खाटू बुला रहा है बाबा
अब तो फागुन आने वाला
हम लगाएंगे गुलाल
मेरे संग में लखदातार
आई भक्तों की टोली बाबा खेलेगी होली
पिचकारी ये भरली तैयारी पूरी कर ली
अब तो रंग लगेगा मेरे श्याम धणी को
उसे कहते है सब सरकार
ओ खाटू बुला रहा है बाबा ....
केसरिया रंग से तुम्हें रंगेगे बाबा
मीठी कचोरी आज चखेंगे बाबा
अब तो आजा प्यारे मेरे हारे के सहारे
तुझे किसका है इंतजार
ओ खाटू बुला रहा है बाबा ....
मन्नू गुण तेरा गाए तू दर पे बुलाए
अरे झाड़ा लगाकर नैया पार लगाए
अब तो दर्शन दे दो बाबा श्याम हमारे
तेरे लक्की को दे प्यार
ओ खाटू बुला रहा है बाबा ....
Shrijirasik
आया आया फागण आया,
खाटू में हमे श्याम ने बुलाया,
होली श्याम जी के संग में खेला जी फागण में,
नीला पीला रंग गुलाबी,
कोई लाया भर पिचकारी,
चलो श्याम जी को रंग लगायेगे फागण में,
होली श्याम जी के संग में खेला जी फागण में,
ढोल नगाड़े शंख है बाजे,
श्याम दीवाने झूम झूम नाचे संग श्याम जी को खूब नचायेगे फागण में,
होली श्याम जी के संग में खेला जी फागण में,
श्याम जी के मेले में जो भी जाते भर भर झोली वो ले आते,
जा तू भी अर्जी लगा ले फागण में,
आया आया फागण आया,
खाटू में हमें श्याम ने भुलाया,
होली श्याम जी के संग में खेला जी फागण में,
Shrijirasik
आज खाटू में हुआ रे धमाल होता है हर साल सांवरियां होली में,
पीले पटके को कर देंगे लाल मले गे रे गुलाल सांवरियां होली में,
देख संवारा फागण में हम होली खेलन आये,
देश विदेश से भकत तेरे भर भर पिचकारी लाये,
नीला पीला सतरंग मन को भाये,
इतर केवड़ा मल के न्यारा इस में श्याम मिलाये,
आज बच न सको गे गोपाल आये है ग्वाल बाल,
आज खाटू में हुआ रे धमाल होता है हर साल सांवरियां होली में,
मिरदंग भाजे ढोलक छैना श्याम सखी रिजाये,
अरे टोली के संग गये सखी मुझे श्याम पिया मन भाये,
दूर दूर से आये यात्री श्याम के दर्शन पाये,
मंदिरये में बैठ संवारा मंद मंद मुस्काये,
आज खाटू में हुआ रे धमाल होता है हर साल सांवरियां होली में,
बाजी रे बाजी खड़ताल नाचे दे दे ताल सवारियां होली में,
आज खाटू में हुआ रे धमाल होता है हर साल सांवरियां होली में,
फगनिये में श्याम धनि खाटू में रंग बरसावे,
मोटा मोटा सेठ सखी झोली भर ले ले जावे ,
रंग रंगीलो बाबो महारो एसो रंग लगावे,
छूटे न ये रंग संवारा भव सु पार लगावे,
हर भक्त हुआ खुशहाल हुआ है लाल लाल सांवरियां होली में,
आज खाटू में हुआ रे धमाल होता है हर साल सांवरियां होली में,
Shrijirasik
होली खेल रहे है मेरे श्याम जी देखो त्रिलोकी मस्त मलंग हो गया,
खाटू में देखो आज धूम मची है
धूम मची है धमाल मची है
सारे भगतो का तन मन भी रंग हो गया सारा त्रिलोकी मस्त मलंग हो गया,
अबीर गुलाल सभी देब लाये शंकर शिवाय ठण्डाई बनाये
बाला बजरंग का मन भी मगन हो गया
आज त्रिलोकी मस्त मलंग हो गया,
सांवरिया भी सबको रंग लगाये पिचकारी भर गोपी नाथ चलाए
सारे खाटू नगर में हुडंग हो गया
देखो त्रिलोकी मस्त मलंग हो गया,
होरी खेलन श्याम बहादुर जी आये भक्त आये अल्लू सिंह जी को लाये
देख आधी का जीवन आनंद हो गया
देख त्रिलोकी मस्त मलंग हो गया,
Shrijirasik
होली भगतों में खेले बाबा श्याम मेला तो आया फागुन का…….
कोई रंग लगावे बाबा कोई मारे पिचकारी,
होये रंग बिरंगे नर नार मेला तो आया फागुन का,
होली भगतों में खेले बाबा श्याम मेला तो आया फागुन का…….
देख देख भक्तों को राजी बाबा लख दातारी,
गूजे मंदिर में रही जय जय कार मेला तो आया फागुन का,
होली भगतों में खेले बाबा श्याम मेला तो आया फागुन का…….
फाग महोत्सव खूब मनाये खाटू नगरी सारी,
बेडा बाबा जी करे है सबका पार मेला तो आया फागुन का,
होली भगतों में खेले बाबा श्याम मेला तो आया फागुन का…….
फागुन में बाबा के दर्शन कमल सिंह तू करले,
तेरे सारे बनेगे बिगड़े काम मेला तो आया फागुन का,
होली भगतों में खेले बाबा श्याम मेला तो आया फागुन का…….
Shrijirasik
म्हाने संवारे को आयो है बुलावा
के होली आई सा रा रा रा
हम्बे हम्बे बांके छेला,
खाटू वाले का गूंजे जयकारा के होली आई सा रा रा रा
चंग भाजे और कही भाजे मिरदंग है
खाटू में सब चले रंग भर भर है
देखो खाटू का अजब नजारा
के होली आई सा रा रा रा
सझ धज बैठो म्हारो सांवरो बिहारी
चालो सांवरे ने मिल के भर पिचकारी
लागे सुंदर सा श्याम हमारा
के होली आई सा रा रा रा
संवारे ने काले से लाल कर देंगे
होली खेला संवारा से मन की कर लेंगे
तेरी पगली है राही भी दीवाना
के होली आई सा रा रा रा
Shrijirasik
बाबा श्याम के दरबार में मची है होली बाबा श्याम के,
नंदलाल के दरबार मची है होली नंदलाल के....
कै मन लाल गुलाल उड़त है,
कै मन केसर कस्तूरी बाबा श्याम के,
बाबा श्याम के दरबार में मची है होली....
सौ मन लाल गुलाल उड़त है,
दश मन केसर कस्तूरी बाबा श्याम के,
बाबा श्याम के दरबार में मची है होली....
कितने बरस के कुवर कन्हैया,
कितने बरस की है राधा गोरी बाबा श्याम के,
बाबा श्याम के दरबार में मची है होली....
आठ बरस के कुमार कन्हैया,
सोलह बरस की है राधा गोरी बाबा श्याम के,
बाबा श्याम के दरबार में मची है होली....
कौन गांव के हैं कुमर कन्हैया,
कौन गांव में की है राधा गोरी बाबा श्याम के,
बाबा श्याम के दरबार में मची है होली....
नंद गांव के कुमर कन्हैया,
बरसाने की राधा गोरी बाबा श्याम के,
बाबा श्याम के दरबार में मची है होली....
Shrijirasik
आई जी होली हो जाओ त्यार महारा श्याम धनी सरकार,
हाथा में लेयो पिचकारी कई बैठा करो विचार,
इतर सुगंद उडावा बाबा रंग अबीर गुलाल .,
आई जी होली हो जाओ त्यार महारा श्याम धनि सरकार,
रंग रंगीलो छेलछबीलो फागणियो हरषायो रे
होली खेलन सांवरिया तेरी खाटू नगरी आयो रे,
झूमा नाचो चंग भजावा जम के करा धमाल.
इतर सुगंद उडावा बाबा रंग अभीर गुलाल,.
आई जी होली हो जाओ त्यार महारा श्याम धनि सरकार,
मोटा मोटा सेठ संवारा शरण तेरी आया,
तेरे नाम की मौजा बांटे तेरी छतर साया .
देखो थाने रंग ने खातिर उलझा संसार,
इतर सुगंद उडावा बाबा रंग अभीर गुलाल.
आई जी होली हो जाओ त्यार महारा श्याम धनि सरकार,
केसरियां रे केसरिया रे तेरो धाम होयो केसरियां,
श्याम रंग में रंगी उमा लेहरी को तू सांवरियां,
लेहरी नाइयाँ तेरे भरोसा थामो रे पतवार
इतर सुगंद उडावा बाबा रंग अभीर गुलाल
आई जी होली हो जाओ त्यार महारा श्याम धनि सरकार,
Shrijirasik
जय श्री श्याम…….
फागण का महीना बाबा आऊं तेरे द्वार,
होली खेलें तेरे सागे सांवरिया सरकार.....
भर गुलाल तेरे गाल लगाऊं,
माथे पे तेरे तिलक सजाऊँ,
पाके दर्शन तेरे मुख के दिल के जुड़ गए तार,
होली खेलें तेरे सागे सांवरिया सरकार.....
तेरे प्रेम का रंग चढ़ाऊँ,
मस्त फिरूं खाटू में आऊं,
तेरे नाम की मस्ती मुझको करदे भव से पार,
होली खेलें तेरे सागे सांवरिया सरकार......
Shrijirasik
तर्ज - सारा लंदन ठुमकदा
आई भगतो की टोली आई,
छाई छाई खाटू में मस्ती छाई,
लेकर निशान चली भक्तो की टोली,
फागण में श्याम संग खेलेगे होली,
ये होली खाटू धाम की सारा इंडिया ठुमकता,
ये श्याम भगत मतवाले कई गोरे है कई काले ,
कुछ मुंबई से है आये कुछ है कोलकाता वाले,
दिल्ली वाले भी देखो करते ठिठोली फागण में श्याम संग खेले गे होली,
ये होली खाटू धाम की सारा इंडिया ठुमकता,
ये जयपुर के रंगीले रंगो में हो रहे है गीले,
बांगोलारी हैदराबादी सूरत के छैंछबीले,
लाये बनारस वाले भांग की गोली फागण में श्याम संग खेले गे होली,
ये होली खाटू धाम की सारा इंडिया ठुमकता,
पंजाबी ढोल बजाये भंगड़े की धूम मचाये,
फिर यूपी हरयाणा वाले फिर पीछे क्यों रह जाए,
गुजराती लाये रंगो की रंगोली फागण में श्याम संग खेले गये होली,
ये होली खाटू धाम की सारा इंडिया ठुमकता,
प्रेमी रसिक प्रेमी भक्तों की आई बारी,
ये रंग गुलाल उड़ाए भर भर के पिचकारी,
गाये धमाल रोमी मीठी की बोली फागण में श्याम संग खेले गे होली,
Shrijirasik
श्याम के दर पे धूम मचाऊ,
नाचू खुद और सबको नाचउ,
तरह तरह के रंग से सजेगी नगरी श्याम की,
अबके फागुन में खेले गए होली खाटू धाम की,
श्याम को रंग देंगे केसरियां रंग में,
होली की मस्ती भरी सबके अंग में,
भगवान खेले है भक्तो के संग में,
बिना श्याम होली की मस्ती है किस काम की,
अबके फागुन में खेले गए होली खाटू धाम की,
खाटू में जाए गी भक्तो की टोली,
मिलके गले बोलेगे मीठी बोली,
ढाले गुलाल भर भर के झोली ,
ऐसी होली होगी जैसे गोकुल गांव की,
अबके फागुन में खेले गए होली खाटू धाम की,
दिल के मेले जो होली मिलन में,
प्यारी उमंगें भरी सबके मन में,
रजो का मन हो श्याम की लगन में,
भप्पा चाहे श्याम की सेवा शुभो श्याम की,
अबके फागुन में खेले गए होली खाटू धाम की,
Shrijirasik
होली खेले रे सांवरिया होली खेले रे,
ओ खेले सब भक्तन के साथ सांवरियां होली खेले रे,
खाटू में फिर धूम मची है किसे अज़ब बहार,
लगे है मेले श्याम लुटा रहे है प्यार,
खेले सब भक्तन के साथ सांवरियां होली खेले रे,
रंग में सब रंग उड़ाते गाये मेग मलार,
श्याम सवारियां रास रचाए भक्त रहे है निहार,
खेले सब भक्तन के साथ सांवरियां होली खेले रे,
रंग लगा के आज भिगादो सवारियां सरकार,
तेरी प्रीत का रंग न छुटे एसा भरदो प्यार,
खेले सब भक्तन के साथ सांवरियां होली खेले रे,
Shrijirasik
ओ सजनी कैसे खेली जाए रंगीली होली श्याम की,
होली श्याम की रंगीली होली श्याम की,
ओ सजनी कैसे खेली जाए .......
या होली में पायल खो गी मेरी पाँव की,
अभी नई वनवाई लाला मैंने मंहंगे दाम की,
ओ सजनी कैसे खेली जाए ....
अब तो सही न जाए बेशर्मी श्याम की,
बेमतलब लाज गई ऐसी होली किस काम की,
ओ सजनी कैसे खेली जाए ......
बहुत बुरी है रीत सखी ऋ नन्द के गांव की,
रंग डाले और छाप लगावे अपने नाम की,
ओ सजनी कैसे खेली जाए
Shrijirasik
होली की छा रही बहार आज मेरा श्याम आ गया,
कोई चडावे प्रभु चन्दन रोली,
कोई चढ़ा रहा हार ,
आज मेरा श्याम आ गया,
कोई चडावे नारियल सुपारी,
मेवा से भर कोई थाल ,
आज मेरा श्याम आ गया,
कोई बजावे प्रभु तबला सारंगी,
कोई बजा रहा सिकार ,
आज मेरा श्याम आ गया,
कोई रिजावे तुम्हे गा के सावारिया,
पायल की हो रही झंकार आज मेरा श्याम आ गया,
आज मेरा श्याम आ गया,
लीला श्याम की कोई ना जाने,
भगत करे जय जय कार आज मेरा श्याम आ गया,
आज मेरा श्याम आ गया,
Shrijirasik
मेरा मन मैं रंगु मेरा तन मैं रंगु,
तन मन में रंगु तेरे रंग में श्याम,
होली खेलन मैं आया श्याम तेरे द्वार
रंग तेरे नाम का बरसे श्याम ये मेरा मन भी तरसे श्याम,
यहाँ श्याम नाम बरसे खुमार,
तन मन में रंगु तेरे रंग में श्याम,
होली खेलन मैं आया श्याम तेरे द्वार
रंग बरस रहा केसरियां श्याम,
बेहता रंगो का दरिया श्याम,
बरसे रंगो का झरना श्याम,
तन मन में रंगु तेरे रंग में श्याम,
होली खेलन मैं आया श्याम तेरे द्वार
इस रंग में रंग मायूरी श्याम रंगी है धरती पूरी श्याम
इस रंग में रंगे पुजारी श्याम,
तन मन में रंगु तेरे रंग में श्याम,
होली खेलन मैं आया श्याम तेरे द्वार
रंग बरसे सुबहो श्याम प्रभु,
जय गूंजे तेरा नाम प्रभु,
पावन है खाटू धाम प्रभु,
तन मन में रंगु तेरे रंग में श्याम,
होली खेलन मैं आया श्याम तेरे द्वार
Shrijirasik
सांवरियो रंगीलो रंगीलो बाबा श्याम,
होली खेलन आप चालागा खाटू धाम,
फागुन को मेलो यो तो बड़ो अलबेलो
चालो जी खाटू चाला बाबो माहरो हेलो,
ध्यान लगा कर सुन लो ये बाबे को पैगाम,
होली खेलन आप चालागा खाटू धाम,
लाल गुलाल झोली भर भर ले जा श्याम,
मंदिर के माहि आपा खूब उड़ा श्याम,
बादल साँचा जावा रंगीली हो जा श्याम,
होली खेलन आप चालागा खाटू धाम,
केसर को रंग भोला श्याम ले लगवा,
मस्त हो जावे बाबो इतर भी उडावा
तबियत खुश कर दे सा मैं तेरी थी घनश्याम,
होली खेलन आप चालागा खाटू धाम,
प्रेम को रंग बाबो श्याम लगावे है,
श्याम रंग जी के लगे मौज वो उड़ावे है,
जग माया का बंधन कट जावे है तमाम,
होली खेलन आप चालागा खाटू धाम,
Shrijirasik
बरसे रंग गुलाल श्याम तेरी होली में,
होली में श्याम होली में,
उड़ रहे रंग गुलाल श्याम तेरी होली में,
बरसे रंग गुलाल श्याम तेरी होली में...
रंग देखन लक्ष्मी जी आई,
बिंदिया हो गई लाल श्याम तेरी होली में,
बरसे रंग गुलाल.....
रंग देखन गोरा जी आई,
माला हो गई लाल श्याम तेरी होली में,
बरसे रंग गुलाल....
रंग देखन सीता जी आई,
मेहंदी हो गई लाल श्याम तेरी होली में,
बरसे रंग गुलाल....
रंग देख दुर्गा जी आई,
चुंदड़ी हो गई लाल श्याम तेरी होली में,
बरसे रंग गुलाल....
रंग देखन राधा जी आई,
अंगिया हो गई लाल श्याम तेरी होली में,
बरसे रंग गुलाल.....
रंग देखन सारी संगत आई,
तन मन हो गया लाल श्याम तेरी होली में,
बरसे रंग गुलाल.....
रंग देखन को पड़ोसन आई,
भूल गई सब काम श्याम तेरी होली में,
बरसे रंग गुलाल.....
Shrijirasik
होली भगतों में खेले बाबा श्याम मेला तो आया फागुन का…….
कोई रंग लगावे बाबा कोई मारे पिचकारी,
होये रंग बिरंगे नर नार मेला तो आया फागुन का,
होली भगतों में खेले बाबा श्याम मेला तो आया फागुन का…….
देख देख भक्तों को राजी बाबा लख दातारी,
गूजे मंदिर में रही जय जय कार मेला तो आया फागुन का,
होली भगतों में खेले बाबा श्याम मेला तो आया फागुन का…….
फाग महोत्सव खूब मनाये खाटू नगरी सारी,
बेडा बाबा जी करे है सबका पार मेला तो आया फागुन का,
होली भगतों में खेले बाबा श्याम मेला तो आया फागुन का…….
फागुन में बाबा के दर्शन कमल सिंह तू करले,
तेरे सारे बनेगे बिगड़े काम मेला तो आया फागुन का,
होली भगतों में खेले बाबा श्याम मेला तो आया फागुन का…….
Shrijirasik
रंग बिरंगी होली देखो बरसे अबर गुलाल
एसो सजा संवारा मेरा लागे बडो कमाल
होली खेल रही खाटू नगरिया अंग रंग बरस रहा
श्याम नाम की धूम मची है सांवरिया मुस्काये
कोई अपने गीत सुनाये कमर कोई लचकाए
बस लगे नही किसी की नजरियाँ अंग रंग बरस रहा
श्रधा सुमन अर्पित करने को आये श्याम दीवाने
खेलत होली इक हो गए अब तक थे अनजाने
मैं तो नाचू बजा के पायलिया अंग रंग बरस रहा
Shrijirasik
फागुन में मस्ती की छाई बहार,
भगतो के मन में है खुशिया अपार.
खेले गेतुम संग होली आई है बाबा टोली,
होली खेल के जायेगे श्याम बाबा,
तुम्हे रंग लगाए गे श्याम बाबा,
अब के धूम मचाये गे श्याम बाबा,
है पूरी तयारी रंगो की पिश्कारी,
लाये है गिरधारी काहे शरमाये मेरे.
मोहन मुरारी सुन ले खाटू के राजा अब जल्दी बाहर आजा,
रंग भीड़ उड़ाए गे श्याम बाबा,
होली खेल के जायेगे श्याम बाबा......
तेरे लाखो प्रेमी आवे निशान चढ़ावे सब झूमे नाचे गावे,
आकर के क्यों न तू मस्ती बढ़ावे,
भगतो का भाग जगाते हम सबको रंग लगा दे,
वर्ण शोर माच्ये गे श्याम बाबा,
होली खेल के जायेगे श्याम बाबा,
ग्यारस पर अक्शर आये फागण का दर्शन पाये,
गुलाल भी लाये अपने हाथो तुम्हे रंग लगाये,
अब ना लेना परीक्षा दया की देदो भीक्शा,
महिमा तेरी गाये गे श्याम बाबा,
होली खेल के जायेगे श्याम बाबा,
Shrijirasik
केसर भरे ये मटके मंगाए संवारे को रंग में डुबाये,
होली के दिन मेरे संवारिये क्यों परदे में तू छिप जाता है
अरे होली का रसिया तू संवारा फिर रंगों से तू गबराता है
होली के दिन मेरे संवारिये क्यों परदे में तू छिप जाता है
खाटू नगरी की सारी गलियों में भगतो का शोर है
होली खेले गे संवारे के संग कान्हा किस और है,
होली के दिन मेरे संवारिये क्यों परदे में तू छिप जाता है
देखो मंदिर में छुप के बैठा है आवो पकड़े वह,
केसर पिचकारी भर के मारे गे वो मिल जाये यहा,
देखो मंदिर आ गया है,
होली के दिन मेरे संवारिये क्यों परदे में तू छिप जाता है,
मंदिर देखा तो कान्हा ने हस के पर्दा सरका दिया,
अपना केसरियां मुखड़ा बाबा ने सब को दिखा दियां,
अपने रंग में रंग दिया है,
होली के दिन मेरे सेवारिये क्यों परदे में तू छिप जाता है,
Shrijirasik
जय श्री श्याम…….
फागण का महीना बाबा आऊं तेरे द्वार,
होली खेलें तेरे सागे सांवरिया सरकार.....
भर गुलाल तेरे गाल लगाऊं,
माथे पे तेरे तिलक सजाऊँ,
पाके दर्शन तेरे मुख के दिल के जुड़ गए तार,
होली खेलें तेरे सागे सांवरिया सरकार.....
तेरे प्रेम का रंग चढ़ाऊँ,
मस्त फिरूं खाटू में आऊं,
तेरे नाम की मस्ती मुझको करदे भव से पार,
होली खेलें तेरे सागे सांवरिया सरकार......
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