॥ नाहं स्मरामि कृष्णं तु राधास्मरणवर्जितम् ॥
Shri Dasrath Rajkumar Nazar Tohe Lag Jayegi
श्री दशरथ राजकुमार नज़र तोहे लग जाएगी
Ram - Mithila Bhav
Artist: Shrijirasik
श्री दशरथ राजकुमार, नज़र तोहे लग जाएगी
प्यारे राम मेरे सरकार, नज़र तोहे लग जाएगी॥
अलके कुंचित मुख श्यामल पर,
सोहत मनहुँ नील कमल पर,
भ्रमर करत गुंजार, नज़र तोहे लग जाएगी॥
किट मुकुट सुंदर सिर सोहे,
श्रवण कुण्डल मुनि मन मोहे,
हिये हीरन की है हार, नज़र तोहे लग जाएगी॥
राम लखन मुनि के संग आए,
चितवत ही चित चपल चुराए,
हे चोरन के सरदार, नज़र तोहे लग जाएगी॥
यह चर्चा घर-घर गलियन में,
विहरे मिथिला की गलियन में,
जणु देह धरे श्रृंगार, नज़र तोहे लग जाएगी॥
अस अभिलाष हृदय अविलंब के,
हिये बैठाए तुरत पलकन के,
कर लियो बंद किवाड़, नज़र तोहे लग जाएगी॥
सुनी सखियन मुख अटपट वाणी,
विहँसत श्री रघुवर धनु पाणी,
ये राजेश हूँ बलिहार, नज़र तोहे लग जाएगी॥
✨
Related Bhajans
Discover more devotional songs