॥ राधाया हृदये कृष्णः कृष्णस्य हृदि राधिका ॥
Mangal Bhavan Amangal Haari
Ram - Peaceful Bhav
Artist: Shrijirasik
मंगल भवन अमंगल हारी
द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी
.
होइहि सोइ जो राम रचि राखा।
को करि तर्क बढ़ावै साखा॥
.
हो, धीरज धरम मित्र अरु नारी
आपद काल परखिये चारी
.
जेहिके जेहि पर सत्य सनेहू
सो तेहि मिलय न कछु सन्देहू
.
हो, जाकी रही भावना जैसी
प्रभु मूरति देखी तिन तैसी
.
रघुकुल रीत सदा चली आई
प्राण जाए पर वचन न जाई
.
हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता
कहहि सुनहि बहुविधि सब संता
राम सिया राम, सिया राम जय जय राम।
✨
Related Bhajans
Discover more devotional songs