॥ राधाया हृदये कृष्णः कृष्णस्य हृदि राधिका ॥
Jiske Dil Ko Prabhu Prem Bhata Nhi
Krishna - Vatsalya Bhav
Artist: Shrijirasik
भजन : जिसके दिल को प्रभु प्रेम भाता नहीं
जिसके दिल को प्रभु प्रेम भाता नहीं,
ऐसे लोगों से मुझको तो मिलना नहीं ।
जिस जगह कृष्ण का ध्यान होता नहीं,
उस जगह में हमें तो ठहरना नहीं ।।
हर कली हर घड़ी में बसे कृष्ण हैं,
प्यारे दिल में सभी के वही कृष्ण हैं ।
जिसने माना जहाँ प्रभु वहीं बस गये,
ऐसे भक्तों से हमको मुकरना नहीं ।।
जिसके दिल को....
प्रेम करते सभी हैं सभी से मगर,
कृष्ण से प्रेम करने से जाते मुकर ।
जिसके मन में कभी प्रेम आता नहीं,
ऐसे जन के मुझे पास रहना नहीं ।।
जिसके दिल को....
कामनाओं में जो भी फँसे लोग हैं,
याद कर लो उन्हें सारे ही रोग हैं ।
जिसके मन से कभी काम जाता नहीं,
ऐसे लोगों में तू कान्त रहना नहीं ।।
जिसके दिल को....
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