॥ राधाभावविहीनो यः स भक्तो न कथञ्चन ॥
Laxmi Narayan - स्तोत्र
देव स्तोत्र
स्तोत्र (3)
Shri Laxmi sahastranaam strotra
stotra॥ श्री लक्ष्मी सहस्रनाम स्तोत्र ॥
॥ अथ ध्यानम् ॥
पद्मासनस्थिते देवि परब्रह्मस्वरूपिणि।
परमेश्वरि जगन्मातर्महालक्ष्मि नमोऽस्तु ते॥
श्वेताम्बरधरे देवि नानालङ्कारभूषिते।
जगत्स्थिते जगन्मातर्महालक्ष्मि नमोऽस्तु ते॥
॥ सहस्रनामावली ॥
1. ॐ महालक्ष्म्यै नमः
2. ॐ महाकाल्यै नमः
3. ॐ महासरस्वत्यै नमः
4. ॐ महेश्वर्यै नमः
5. ॐ महादेव्यै नमः
6. ॐ महामायायै नमः
7. ॐ महामोहायै नमः
8. ॐ महाभोगायै नमः
9. ॐ महाप्रज्ञायै नमः
10. ॐ महामतयै नमः
11. ॐ महाशक्त्यै नमः
12. ॐ महाक्रान्त्यै नमः
13. ॐ महाद्युतये नमः
14. ॐ महाज्योत्स्नायै नमः
15. ॐ महातमसे नमः
16. ॐ महातृष्णायै नमः
17. ॐ महाक्षुधायै नमः
18. ॐ महानिद्रायै नमः
19. ॐ महाभ्रान्त्यै नमः
20. ॐ महास्मृतये नमः
21. ॐ महागत्यै नमः
22. ॐ महागतये नमः
23. ॐ महानीत्यै नमः
24. ॐ महानिधये नमः
25. ॐ महामेधायै नमः
26. ॐ महाविद्यायै नमः
27. ॐ महामेधायै नमः
28. ॐ महाश्रियै नमः
29. ॐ महामोहायै नमः
30. ॐ महामोहिन्यै नमः
31. ॐ महाशान्त्यै नमः
32. ॐ महातुष्ट्यै नमः
33. ॐ महापुष्ट्यै नमः
34. ॐ महाधृतये नमः
35. ॐ महाकीर्त्यै नमः
36. ॐ महालज्जायै नमः
37. ॐ महाजयायै नमः
38. ॐ महाविजयायै नमः
39. ॐ महाविद्यायै नमः
40. ॐ महावाण्यै नमः
41. ॐ महाभारत्यै नमः
42. ॐ महासिद्ध्यै नमः
43. ॐ महाऋद्ध्यै नमः
44. ॐ महावृद्ध्यै नमः
45. ॐ महासमृद्ध्यै नमः
46. ॐ महातृप्त्यै नमः
47. ॐ महाशान्त्यै नमः
48. ॐ महाकान्त्यै नमः
49. ॐ महादीप्त्यै नमः
50. ॐ महादीप्तये नमः
51. ॐ प्रकृत्यै नमः
52. ॐ विकृत्यै नमः
53. ॐ विद्यायै नमः
54. ॐ सर्वभूतहितप्रदायै नमः
55. ॐ श्रद्धायै नमः
56. ॐ विभूत्यै नमः
57. ॐ सुरभ्यै नमः
58. ॐ परमात्मिकायै नमः
59. ॐ वाचे नमः
60. ॐ पद्मालयायै नमः
61. ॐ पद्मायै नमः
62. ॐ शुचये नमः
63. ॐ स्वाहायै नमः
64. ॐ स्वधायै नमः
65. ॐ सुधायै नमः
66. ॐ धन्यायै नमः
67. ॐ हिरण्मय्यै नमः
68. ॐ लक्ष्म्यै नमः
69. ॐ नित्यपुष्टायै नमः
70. ॐ विभावर्यै नमः
71. ॐ अदित्यै नमः
72. ॐ दित्यै नमः
73. ॐ दीप्तायै नमः
74. ॐ वसुधायै नमः
75. ॐ वसुधारिण्यै नमः
76. ॐ कमलायै नमः
77. ॐ कान्तायै नमः
78. ॐ कामाक्ष्यै नमः
79. ॐ क्रोधसंभवायै नमः
80. ॐ अनुग्रहपरायै नमः
81. ॐ बुद्ध्यै नमः
82. ॐ अनघायै नमः
83. ॐ हरिवल्लभायै नमः
84. ॐ अशोकायै नमः
85. ॐ अमृतायै नमः
86. ॐ दीप्तायै नमः
87. ॐ लोकशोकविनाशिन्यै नमः
88. ॐ धर्मनिलयायै नमः
89. ॐ करुणायै नमः
90. ॐ लोकमात्रे नमः
91. ॐ पद्मप्रियायै नमः
92. ॐ पद्महस्तायै नमः
93. ॐ पद्माक्ष्यै नमः
94. ॐ पद्मसुन्दर्यै नमः
95. ॐ पद्मोद्भवायै नमः
96. ॐ पद्ममुख्यै नमः
97. ॐ पद्मनाभप्रियायै नमः
98. ॐ रमायै नमः
99. ॐ पद्ममालाधरायै नमः
100. ॐ देव्यै नमः
101. ॐ पद्मिन्यै नमः
102. ॐ पद्मगन्धिन्यै नमः
103. ॐ पुण्यगन्धायै नमः
104. ॐ सुप्रसन्नायै नमः
105. ॐ प्रसादाभिमुख्यै नमः
106. ॐ प्रभायै नमः
107. ॐ चन्द्रवदनायै नमः
108. ॐ चन्द्रायै नमः
109. ॐ चन्द्रसहोदर्यै नमः
110. ॐ चतुर्भुजायै नमः
111. ॐ चन्द्ररूपायै नमः
112. ॐ इन्दिरायै नमः
113. ॐ इन्दुशीतलायै नमः
114. ॐ आह्लादजनन्यै नमः
115. ॐ पुष्ट्यै नमः
116. ॐ शिवायै नमः
117. ॐ शिवकर्यै नमः
118. ॐ सत्यै नमः
119. ॐ विमलायै नमः
120. ॐ विश्वजनन्यै नमः
121. ॐ तुष्ट्यै नमः
122. ॐ दारिद्र्यनाशिन्यै नमः
123. ॐ प्रीतिपुष्करिण्यै नमः
124. ॐ शान्तायै नमः
125. ॐ शुक्लमाल्याम्बरायै नमः
126. ॐ श्रियै नमः
127. ॐ भास्कर्यै नमः
128. ॐ बिल्वनिलयायै नमः
129. ॐ वरारोहायै नमः
130. ॐ यशस्विन्यै नमः
131. ॐ वसुन्धरायै नमः
132. ॐ उदाराङ्गायै नमः
133. ॐ हरिण्यै नमः
134. ॐ हेममालिन्यै नमः
135. ॐ धनधान्यकर्यै नमः
136. ॐ सिद्ध्यै नमः
137. ॐ स्त्रैणसौम्यायै नमः
138. ॐ शुभप्रदायै नमः
139. ॐ नृपवेश्मगतानन्दायै नमः
140. ॐ वरलक्ष्म्यै नमः
141. ॐ वसुप्रदायै नमः
142. ॐ शुभायै नमः
143. ॐ हिरण्यप्राकारायै नमः
144. ॐ समुद्रतनयायै नमः
145. ॐ जयायै नमः
146. ॐ मङ्गलायै नमः
147. ॐ देव्यै नमः
148. ॐ विष्णुवक्षःस्थलस्थितायै नमः
149. ॐ विष्णुपत्न्यै नमः
150. ॐ प्रसन्नाक्ष्यै नमः
151. ॐ नारायणसमाश्रितायै नमः
152. ॐ दारिद्र्यध्वंसिन्यै नमः
153. ॐ देव्यै नमः
154. ॐ सर्वोपद्रववारिण्यै नमः
155. ॐ नवदुर्गायै नमः
156. ॐ महाकाल्यै नमः
157. ॐ ब्रह्मविष्णुशिवात्मिकायै नमः
158. ॐ त्रिकालज्ञानसम्पन्नायै नमः
159. ॐ भुवनेश्वर्यै नमः
160. ॐ सर्वलोकजनन्यै नमः
161. ॐ सर्वलोकमय्यै नमः
162. ॐ सर्वेश्यै नमः
163. ॐ सर्वशक्तिमय्यै नमः
164. ॐ सर्वज्ञायै नमः
165. ॐ सर्वसाक्षिण्यै नमः
166. ॐ सर्वाधारायै नमः
167. ॐ सर्वगतायै नमः
168. ॐ सर्वभूतहितैषिण्यै नमः
169. ॐ सर्वभूतदयापर्यै नमः
170. ॐ सर्वभूतजनन्यै नमः
171. ॐ सर्वमङ्गलायै नमः
172. ॐ सर्वमङ्गलमाङ्गल्यायै नमः
173. ॐ सर्वार्थसाधिकायै नमः
174. ॐ सर्वसिद्धिप्रदायै नमः
175. ॐ सर्वसौभाग्यदायिन्यै नमः
176. ॐ सर्वसम्पत्कर्यै नमः
177. ॐ सर्वसम्पत्प्रदायिन्यै नमः
178. ॐ सर्वैश्वर्यप्रदायै नमः
179. ॐ सर्वकामप्रदायिन्यै नमः
180. ॐ सर्वतीर्थमय्यै नमः
181. ॐ सर्वविद्यामय्यै नमः
182. ॐ सर्वमन्त्रमय्यै नमः
183. ॐ सर्वयन्त्रमय्यै नमः
184. ॐ सर्वतन्त्रमय्यै नमः
185. ॐ सर्वपीठमय्यै नमः
186. ॐ सर्वपूज्यायै नमः
187. ॐ सर्ववन्द्यायै नमः
188. ॐ सर्वस्तुत्यायै नमः
189. ॐ सर्वगीतायै नमः
190. ॐ सर्वनृत्यप्रियायै नमः
191. ॐ सर्ववाद्यप्रियायै नमः
192. ॐ सर्वभोगप्रियायै नमः
193. ॐ सर्वालङ्कारभूषितायै नमः
194. ॐ सर्वगन्धप्रियायै नमः
195. ॐ सर्वपुष्पप्रियायै नमः
196. ॐ सर्वधूपप्रियायै नमः
197. ॐ सर्वदीपप्रियायै नमः
198. ॐ सर्वनैवेद्यप्रियायै नमः
199. ॐ सर्वताम्बूलप्रियायै नमः
200. ॐ सर्वदक्षिणाप्रियायै नमः
201. ॐ आदिलक्ष्म्यै नमः
202. ॐ धनलक्ष्म्यै नमः
203. ॐ धान्यलक्ष्म्यै नमः
204. ॐ गजलक्ष्म्यै नमः
205. ॐ सन्तानलक्ष्म्यै नमः
206. ॐ वीरलक्ष्म्यै नमः
207. ॐ विजयलक्ष्म्यै नमः
208. ॐ विद्यालक्ष्म्यै नमः
209. ॐ अष्टलक्ष्म्यै नमः
210. ॐ महालक्ष्म्यै नमः
211. ॐ श्रीलक्ष्म्यै नमः
212. ॐ वरलक्ष्म्यै नमः
213. ॐ गृहलक्ष्म्यै नमः
214. ॐ राज्यलक्ष्म्यै नमः
215. ॐ ध्रुवलक्ष्म्यै नमः
216. ॐ चललक्ष्म्यै नमः
217. ॐ स्थिरलक्ष्म्यै नमः
218. ॐ अचललक्ष्म्यै नमः
219. ॐ भाग्यलक्ष्म्यै नमः
220. ॐ सौभाग्यलक्ष्म्यै नमः
221. ॐ कुललक्ष्म्यै नमः
222. ॐ वंशलक्ष्म्यै नमः
223. ॐ गजलक्ष्म्यै नमः
224. ॐ पद्मलक्ष्म्यै नमः
225. ॐ कमललक्ष्म्यै नमः
226. ॐ इन्दिरायै नमः
227. ॐ रमायै नमः
228. ॐ श्रियै नमः
229. ॐ पद्मायै नमः
230. ॐ कमलायै नमः
231. ॐ हरिप्रियायै नमः
232. ॐ विष्णुप्रियायै नमः
233. ॐ नारायणप्रियायै नमः
234. ॐ माधवप्रियायै नमः
235. ॐ केशवप्रियायै नमः
236. ॐ गोविन्दपत्न्यै नमः
237. ॐ वैकुण्ठवासिन्यै नमः
238. ॐ क्षीराब्धितनयायै नमः
239. ॐ क्षीरसागरकन्यायै नमः
240. ॐ सागरसम्भवायै नमः
241. ॐ रत्नगर्भायै नमः
242. ॐ रत्नमालिन्यै नमः
243. ॐ रत्नभूषणायै नमः
244. ॐ रत्नाकरसुतायै नमः
245. ॐ रत्नप्रदायै नमः
246. ॐ रत्नप्रियायै नमः
247. ॐ मणिमालिन्यै नमः
248. ॐ मणिभूषणायै नमः
249. ॐ मुक्ताहारविभूषितायै नमः
250. ॐ स्वर्णमालिन्यै नमः
251. ॐ स्वर्णभूषणायै नमः
252. ॐ हेमाम्बरायै नमः
253. ॐ हेमवर्णायै नमः
254. ॐ हेमप्रभायै नमः
255. ॐ हेमकान्तायै नमः
256. ॐ कनकप्रभायै नमः
257. ॐ कनकवर्णायै नमः
258. ॐ कनकाङ्गदायै नमः
259. ॐ कनकमालिन्यै नमः
260. ॐ दिव्यगन्धायै नमः
261. ॐ दिव्यमाल्यायै नमः
262. ॐ दिव्याम्बरायै नमः
263. ॐ दिव्यभूषणायै नमः
264. ॐ दिव्यरूपायै नमः
265. ॐ दिव्यतेजसे नमः
266. ॐ दिव्यप्रकाशायै नमः
267. ॐ दिव्यज्योतिषे नमः
268. ॐ दिव्यशक्तये नमः
269. ॐ दिव्यसिद्ध्यै नमः
270. ॐ सर्वदेवमय्यै नमः
271. ॐ सर्वदेवप्रियायै नमः
272. ॐ सर्वदेवपूजितायै नमः
273. ॐ सर्वदेववन्दितायै नमः
274. ॐ सर्वदेवस्तुतायै नमः
275. ॐ सर्वऋषिपूजितायै नमः
276. ॐ सर्वमुनिवन्दितायै नमः
277. ॐ सर्वगन्धर्वसेवितायै नमः
278. ॐ सर्वाप्सरोगणस्तुतायै नमः
279. ॐ सर्वयक्षपूजितायै नमः
280. ॐ सर्वकिन्नरसेवितायै नमः
281. ॐ ब्रह्माण्यै नमः
282. ॐ ब्रह्मरूपिण्यै नमः
283. ॐ ब्रह्मविद्यायै नमः
284. ॐ ब्रह्ममय्यै नमः
285. ॐ वैष्णव्यै नमः
286. ॐ विष्णुरूपिण्यै नमः
287. ॐ विष्णुमायायै नमः
288. ॐ विष्णुमय्यै नमः
289. ॐ शैव्यै नमः
290. ॐ शिवरूपिण्यै नमः
291. ॐ शिवशक्त्यै नमः
292. ॐ शिवमय्यै नमः
293. ॐ शाङ्कर्यै नमः
294. ॐ शम्भुप्रियायै नमः
295. ॐ गौर्यै नमः
296. ॐ गौरीप्रियायै नमः
297. ॐ उमायै नमः
298. ॐ पार्वत्यै नमः
299. ॐ हैमवत्यै नमः
300. ॐ कात्यायन्यै नमः
301. ॐ कौशिक्यै नमः
302. ॐ चामुण्डायै नमः
303. ॐ वाराह्यै नमः
304. ॐ वैष्णव्यै नमः
305. ॐ माहेश्वर्यै नमः
306. ॐ ब्राह्म्यै नमः
307. ॐ कौमार्यै नमः
308. ॐ ऐन्द्र्यै नमः
309. ॐ नारसिंह्यै नमः
310. ॐ चण्डिकायै नमः
311. ॐ चण्डमुण्डविनाशिन्यै नमः
312. ॐ महिषासुरमर्दिन्यै नमः
313. ॐ रक्तबीजविनाशिन्यै नमः
314. ॐ शुम्भनिशुम्भसंहर्त्र्यै नमः
315. ॐ धूम्रलोचनघातिन्यै नमः
316. ॐ सर्वदैत्यविनाशिन्यै नमः
317. ॐ सर्वदानवमर्दिन्यै नमः
318. ॐ सर्वराक्षससंहर्त्र्यै नमः
319. ॐ सर्वविघ्नविनाशिन्यै नमः
320. ॐ सर्वरोगनिवारिण्यै नमः
321. ॐ सर्वशोकविनाशिन्यै नमः
322. ॐ सर्वदुःखनिवारिण्यै नमः
323. ॐ सर्वपापनाशिन्यै नमः
324. ॐ सर्वभयनिवारिण्यै नमः
325. ॐ सर्वारिष्टनिवारिण्यै नमः
326. ॐ सर्वग्रहपीडाहरायै नमः
327. ॐ सर्वदोषनिवारिण्यै नमः
328. ॐ सर्वक्लेशनाशिन्यै नमः
329. ॐ सर्वसन्तापहारिण्यै नमः
330. ॐ सर्वदारिद्र्यनाशिन्यै नमः
331. ॐ सर्वदुर्गतिनाशिन्यै नमः
332. ॐ सर्वापन्निवारिण्यै नमः
333. ॐ सर्वरक्षाकर्यै नमः
334. ॐ सर्वपालिन्यै नमः
335. ॐ सर्वपोषिण्यै नमः
336. ॐ सर्वतोषिण्यै नमः
337. ॐ सर्वसुखप्रदायै नमः
338. ॐ सर्वानन्दकर्यै नमः
339. ॐ सर्वहर्षप्रदायै नमः
340. ॐ सर्वोत्सवकर्यै नमः
341. ॐ सर्वमङ्गलकारिण्यै नमः
342. ॐ सर्वकल्याणदायिन्यै नमः
343. ॐ सर्वशुभङ्कर्यै नमः
344. ॐ सर्वसौख्यप्रदायिन्यै नमः
345. ॐ सर्वैश्वर्यप्रदायिन्यै नमः
346. ॐ सर्वविभवदायिन्यै नमः
347. ॐ सर्वसमृद्धिदायिन्यै नमः
348. ॐ सर्ववृद्धिप्रदायिन्यै नमः
349. ॐ सर्वपुष्टिप्रदायिन्यै नमः
350. ॐ सर्वतुष्टिप्रदायिन्यै नमः
351. ॐ अन्नपूर्णायै नमः
352. ॐ अन्नदायै नमः
353. ॐ अन्नरूपिण्यै नमः
354. ॐ अन्नमय्यै नमः
355. ॐ धनदायै नमः
356. ॐ धनरूपिण्यै नमः
357. ॐ धनमय्यै नमः
358. ॐ धनाधिष्ठात्र्यै नमः
359. ॐ धान्यदायै नमः
360. ॐ धान्यरूपिण्यै नमः
361. ॐ धान्यमय्यै नमः
362. ॐ सस्यदायै नमः
363. ॐ सस्यरूपिण्यै नमः
364. ॐ भूम्यै नमः
365. ॐ भूमिरूपिण्यै नमः
366. ॐ भूदेव्यै नमः
367. ॐ श्रीदेव्यै नमः
368. ॐ नीलदेव्यै नमः
369. ॐ भूदेवीसहितायै नमः
370. ॐ श्रीदेवीसहितायै नमः
371. ॐ सर्वदेवीमय्यै नमः
372. ॐ देवमात्रे नमः
373. ॐ सुरमात्रे नमः
374. ॐ जगन्मात्रे नमः
375. ॐ लोकमात्रे नमः
376. ॐ त्रैलोक्यजनन्यै नमः
377. ॐ विश्वमात्रे नमः
378. ॐ विश्वरूपिण्यै नमः
379. ॐ विश्वमय्यै नमः
380. ॐ विश्वेश्यै नमः
381. ॐ विश्वपालिन्यै नमः
382. ॐ विश्वपोषिण्यै नमः
383. ॐ विश्वधारिण्यै नमः
384. ॐ विश्वव्यापिन्यै नमः
385. ॐ विश्वात्मिकायै नमः
386. ॐ विश्ववन्द्यायै नमः
387. ॐ विश्वपूजितायै नमः
388. ॐ अनन्तायै नमः
389. ॐ अनन्तरूपिण्यै नमः
390. ॐ अनन्तशक्तये नमः
391. ॐ अनन्तमहिम्ने नमः
392. ॐ अनन्तगुणायै नमः
393. ॐ अनन्तकीर्तये नमः
394. ॐ अनन्तविभवायै नमः
395. ॐ अनन्तैश्वर्यायै नमः
396. ॐ अनन्तसुखदायै नमः
397. ॐ अनन्तानन्ददायिन्यै नमः
398. ॐ नित्यायै नमः
399. ॐ नित्यरूपिण्यै नमः
400. ॐ नित्यशुद्धायै नमः
401. ॐ नित्यबुद्धायै नमः
402. ॐ नित्यमुक्तायै नमः
403. ॐ नित्यतृप्तायै नमः
404. ॐ नित्यशान्तायै नमः
405. ॐ नित्यानन्दायै नमः
406. ॐ नित्यकल्याण्यै नमः
407. ॐ नित्यमङ्गलायै नमः
408. ॐ सत्यायै नमः
409. ॐ सत्यरूपिण्यै नमः
410. ॐ सत्यव्रतायै नमः
411. ॐ सत्यसन्धायै नमः
412. ॐ सत्यप्रतिज्ञायै नमः
413. ॐ सत्यशीलायै नमः
414. ॐ सत्यधर्मिण्यै नमः
415. ॐ सत्यप्रियायै नमः
416. ॐ सत्यसंस्तुतायै नमः
417. ॐ सत्यसारायै नमः
418. ॐ ज्ञानदायै नमः
419. ॐ ज्ञानरूपिण्यै नमः
420. ॐ ज्ञानमय्यै नमः
421. ॐ ज्ञानविग्रहायै नमः
422. ॐ ज्ञानगम्यायै नमः
423. ॐ ज्ञानसाध्यायै नमः
424. ॐ विज्ञानदायिन्यै नमः
425. ॐ प्रज्ञानघनायै नमः
426. ॐ चित्स्वरूपिण्यै नमः
427. ॐ चिन्मय्यै नमः
428. ॐ चिदानन्दमय्यै नमः
429. ॐ सच्चिदानन्दरूपिण्यै नमः
430. ॐ परमज्योतिषे नमः
431. ॐ परमधाम्ने नमः
432. ॐ परमात्मिकायै नमः
433. ॐ परमेश्वर्यै नमः
434. ॐ परमशक्त्यै नमः
435. ॐ परमविद्यायै नमः
436. ॐ परमगत्यै नमः
437. ॐ परमपदायै नमः
438. ॐ परमधनायै नमः
439. ॐ परमलाभायै नमः
440. ॐ परमसिद्ध्यै नमः
441. ॐ परममुक्त्यै नमः
442. ॐ परमानन्दायै नमः
443. ॐ परमशान्त्यै नमः
444. ॐ परमतृप्त्यै नमः
445. ॐ परमपुष्ट्यै नमः
446. ॐ परमतुष्ट्यै नमः
447. ॐ परमकान्त्यै नमः
448. ॐ परमदीप्त्यै नमः
449. ॐ परमोज्ज्वलायै नमः
450. ॐ परमोजसे नमः
451. ॐ तेजोवत्यै नमः
452. ॐ तेजोरूपिण्यै नमः
453. ॐ तेजोमय्यै नमः
454. ॐ तेजस्विन्यै नमः
455. ॐ महातेजसे नमः
456. ॐ अतितेजसे नमः
457. ॐ सर्वतेजोमय्यै नमः
458. ॐ ज्वालामालिन्यै नमः
459. ॐ ज्वालारूपिण्यै नमः
460. ॐ दीप्तिमत्यै नमः
461. ॐ दीप्तरूपिण्यै नमः
462. ॐ प्रभामय्यै नमः
463. ॐ प्रभाधारायै नमः
464. ॐ सुप्रभायै नमः
465. ॐ शुभप्रभायै नमः
466. ॐ कान्तिमत्यै नमः
467. ॐ कान्तिरूपिण्यै नमः
468. ॐ छायायै नमः
469. ॐ मायायै नमः
470. ॐ महामायायै नमः
471. ॐ योगमायायै नमः
472. ॐ विष्णुमायायै नमः
473. ॐ मोहिन्यै नमः
474. ॐ महामोहिन्यै नमः
475. ॐ आकर्षिण्यै नमः
476. ॐ वशीकरण्यै नमः
477. ॐ सर्ववशङ्कर्यै नमः
478. ॐ सम्मोहिन्यै नमः
479. ॐ सर्वमोहिन्यै नमः
480. ॐ आनन्दरूपिण्यै नमः
481. ॐ आनन्दमय्यै नमः
482. ॐ आनन्ददायिन्यै नमः
483. ॐ हर्षदायै नमः
484. ॐ हर्षरूपिण्यै नमः
485. ॐ प्रीतिदायै नमः
486. ॐ प्रीतिरूपिण्यै नमः
487. ॐ स्नेहमय्यै नमः
488. ॐ दयामय्यै नमः
489. ॐ करुणामय्यै नमः
490. ॐ कृपामय्यै नमः
491. ॐ क्षमामय्यै नमः
492. ॐ शान्तिमय्यै नमः
493. ॐ श्रद्धामय्यै नमः
494. ॐ भक्तिमय्यै नमः
495. ॐ प्रेममय्यै नमः
496. ॐ वात्सल्यमय्यै नमः
497. ॐ ममतामय्यै नमः
498. ॐ मातृरूपिण्यै नमः
499. ॐ पितृरूपिण्यै नमः
500. ॐ गुरुरूपिण्यै नमः
501. ॐ आचार्यरूपिण्यै नमः
502. ॐ शिष्यवत्सलायै नमः
503. ॐ भक्तवत्सलायै नमः
504. ॐ भक्तप्रियायै नमः
505. ॐ भक्तपालिन्यै नमः
506. ॐ भक्तपोषिण्यै नमः
507. ॐ भक्ततोषिण्यै नमः
508. ॐ भक्तरक्षिण्यै नमः
509. ॐ भक्तानुग्रहकारिण्यै नमः
510. ॐ भक्ताभीष्टप्रदायिन्यै नमः
511. ॐ भक्तकामदुघायै नमः
512. ॐ कल्पवल्ल्यै नमः
513. ॐ कामधेनुस्वरूपिण्यै नमः
514. ॐ चिन्तामणिस्वरूपिण्यै नमः
515. ॐ कल्पवृक्षस्वरूपिण्यै नमः
516. ॐ सर्वकामदुघायै नमः
517. ॐ सर्वार्थदायिन्यै नमः
518. ॐ अर्थदायै नमः
519. ॐ कामदायै नमः
520. ॐ मोक्षदायै नमः
521. ॐ धर्मदायै नमः
522. ॐ चतुर्वर्गप्रदायिन्यै नमः
523. ॐ पुरुषार्थप्रदायै नमः
524. ॐ स्वर्गदायै नमः
525. ॐ अपवर्गदायै नमः
526. ॐ ब्रह्मपदप्रदायै नमः
527. ॐ विष्णुपदप्रदायै नमः
528. ॐ शिवपदप्रदायै नमः
529. ॐ कैवल्यदायिन्यै नमः
530. ॐ निर्वाणदायिन्यै नमः
531. ॐ मुक्तिदायिन्यै नमः
532. ॐ भुक्तिदायिन्यै नमः
533. ॐ भुक्तिमुक्तिप्रदायिन्यै नमः
534. ॐ ऐहिकसुखदायै नमः
535. ॐ आमुष्मिकसुखदायै नमः
536. ॐ उभयसुखदायिन्यै नमः
537. ॐ सर्वसुखदायिन्यै नमः
538. ॐ सुखरूपिण्यै नमः
539. ॐ सुखमय्यै नमः
540. ॐ दुःखनाशिन्यै नमः
541. ॐ शोकनाशिन्यै नमः
542. ॐ भयनाशिन्यै नमः
543. ॐ चिन्तानाशिन्यै नमः
544. ॐ व्याधिनाशिन्यै नमः
545. ॐ आधिनाशिन्यै नमः
546. ॐ उपाधिनाशिन्यै नमः
547. ॐ सर्वोपद्रवनाशिन्यै नमः
548. ॐ अरिष्टनाशिन्यै नमः
549. ॐ अनिष्टनाशिन्यै नमः
550. ॐ दुरितनाशिन्यै नमः
551. ॐ दुष्कृतनाशिन्यै नमः
552. ॐ पापनाशिन्यै नमः
553. ॐ कल्मषनाशिन्यै नमः
554. ॐ अघनाशिन्यै नमः
555. ॐैनोनाशिन्यै नमः
556. ॐ सर्वपातकनाशिन्यै नमः
557. ॐ सर्वरोगहरायै नमः
558. ॐ महारोगहरायै नमः
559. ॐ आरोग्यदायिन्यै नमः
560. ॐ आयुर्दायै नमः
561. ॐ आयुष्मत्यै नमः
562. ॐ दीर्घायुष्कर्यै नमः
563. ॐ जीवदायिन्यै नमः
564. ॐ प्राणदायै नमः
565. ॐ प्राणरूपिण्यै नमः
566. ॐ प्राणमय्यै नमः
567. ॐ प्राणधारिण्यै नमः
568. ॐ ओजस्विन्यै नमः
569. ॐ बलवत्यै नमः
570. ॐ बलदायै नमः
571. ॐ बलरूपिण्यै नमः
572. ॐ वीर्यवत्यै नमः
573. ॐ वीर्यदायै नमः
574. ॐ पराक्रमवत्यै नमः
575. ॐ शौर्यवत्यै नमः
576. ॐ धैर्यवत्यै नमः
577. ॐ धृतिमत्यै नमः
578. ॐ स्मृतिमत्यै नमः
579. ॐ मतिमत्यै नमः
580. ॐ बुद्धिमत्यै नमः
581. ॐ प्रज्ञावत्यै नमः
582. ॐ मेधावत्यै नमः
583. ॐ विद्यावत्यै नमः
584. ॐ वाग्देव्यै नमः
585. ॐ वागीश्वर्यै नमः
586. ॐ वाग्मिन्यै नमः
587. ॐ वाक्पटवे नमः
588. ॐ वाक्सिद्ध्यै नमः
589. ॐ वागमृतायै नमः
590. ॐ सुभाषिण्यै नमः
591. ॐ प्रियभाषिण्यै नमः
592. ॐ मधुरभाषिण्यै नमः
593. ॐ सत्यभाषिण्यै नमः
594. ॐ हितभाषिण्यै नमः
595. ॐ मितभाषिण्यै नमः
596. ॐ गीतरूपिण्यै नमः
597. ॐ गानप्रियायै नमः
598. ॐ सङ्गीतप्रियायै नमः
599. ॐ नृत्यप्रियायै नमः
600. ॐ वाद्यप्रियायै नमः
601. ॐ कलावत्यै नमः
602. ॐ कलारूपिण्यै नमः
603. ॐ कलामय्यै नमः
604. ॐ चतुःषष्टिकलामय्यै नमः
605. ॐ सर्वकलामय्यै नमः
606. ॐ विद्याकलायै नमः
607. ॐ कलानिधये नमः
608. ॐ चन्द्रकलायै नमः
609. ॐ चन्द्रकलाधरायै नमः
610. ॐ षोडशकलायै नमः
611. ॐ पूर्णकलायै नमः
612. ॐ पूर्णचन्द्रनिभाननायै नमः
613. ॐ पूर्णिमायै नमः
614. ॐ पौर्णमास्यै नमः
615. ॐ अमावास्यायै नमः
616. ॐ प्रतिपदे नमः
617. ॐ द्वितीयायै नमः
618. ॐ तृतीयायै नमः
619. ॐ चतुर्थ्यै नमः
620. ॐ पञ्चम्यै नमः
621. ॐ षष्ठ्यै नमः
622. ॐ सप्तम्यै नमः
623. ॐ अष्टम्यै नमः
624. ॐ नवम्यै नमः
625. ॐ दशम्यै नमः
626. ॐ एकादश्यै नमः
627. ॐ द्वादश्यै नमः
628. ॐ त्रयोदश्यै नमः
629. ॐ चतुर्दश्यै नमः
630. ॐ पूर्णायै नमः
631. ॐ राकायै नमः
632. ॐ कुह्वै नमः
633. ॐ सिनीवालयै नमः
634. ॐ अनुमत्यै नमः
635. ॐ द्यौः नमः
636. ॐ पृथिव्यै नमः
637. ॐ अन्तरिक्षायै नमः
638. ॐ दिशे नमः
639. ॐ विदिशे नमः
640. ॐ ऊर्ध्वदिशे नमः
641. ॐ अधोदिशे नमः
642. ॐ सर्वदिक्स्थितायै नमः
643. ॐ पूर्वायै नमः
644. ॐ आग्नेय्यै नमः
645. ॐ दक्षिणायै नमः
646. ॐ नैऋत्यै नमः
647. ॐ पश्चिमायै नमः
648. ॐ वायव्यै नमः
649. ॐ उत्तरायै नमः
650. ॐ ऐशान्यै नमः
651. ॐ इन्द्राण्यै नमः
652. ॐ अग्निदेव्यै नमः
653. ॐ यमदेव्यै नमः
654. ॐ निर्ऋतिदेव्यै नमः
655. ॐ वरुणदेव्यै नमः
656. ॐ वायुदेव्यै नमः
657. ॐ कुबेरदेव्यै नमः
658. ॐ ईशानदेव्यै नमः
659. ॐ ब्रह्मदेव्यै नमः
660. ॐ अनन्तदेव्यै नमः
661. ॐ सूर्यमण्डलमध्यस्थायै नमः
662. ॐ चन्द्रमण्डलमध्यस्थायै नमः
663. ॐ अग्निमण्डलमध्यस्थायै नमः
664. ॐ वायुमण्डलसंस्थितायै नमः
665. ॐ व्योममण्डलमध्यस्थायै नमः
666. ॐ सर्वमण्डलमध्यगायै नमः
667. ॐ मूलाधारस्थितायै नमः
668. ॐ स्वाधिष्ठानगतायै नमः
669. ॐ मणिपूरकवासिन्यै नमः
670. ॐ अनाहताब्जनिलयायै नमः
671. ॐ विशुद्धचक्रसंस्थितायै नमः
672. ॐ आज्ञाचक्राब्जनिलयायै नमः
673. ॐ सहस्रदलपद्मस्थायै नमः
674. ॐ सुधासाराभिवर्षिण्यै नमः
675. ॐ कुण्डलिन्यै नमः
676. ॐ कुण्डलाकारायै नमः
677. ॐ सुषुम्नामार्गगामिन्यै नमः
678. ॐ इडापिङ्गलमध्यस्थायै नमः
679. ॐ षट्चक्रभेदिन्यै नमः
680. ॐ ग्रन्थित्रयभेदिन्यै नमः
681. ॐ ब्रह्मरन्ध्रगतायै नमः
682. ॐ परमानन्ददायिन्यै नमः
683. ॐ शिवशक्त्यैक्यरूपिण्यै नमः
684. ॐ ललितायै नमः
685. ॐ ललितरूपिण्यै नमः
686. ॐ सुन्दर्यै नमः
687. ॐ सौन्दर्यलहर्यै नमः
688. ॐ त्रिपुरसुन्दर्यै नमः
689. ॐ त्रिपुरायै नमः
690. ॐ त्रिपुरेश्यै नमः
691. ॐ त्रिपुरमालिन्यै नमः
692. ॐ त्रिपुरसिद्ध्यै नमः
693. ॐ त्रिपुराम्बायै नमः
694. ॐ महात्रिपुरसुन्दर्यै नमः
695. ॐ श्रीविद्यायै नमः
696. ॐ श्रीचक्रवासिन्यै नमः
697. ॐ श्रीचक्ररूपिण्यै नमः
698. ॐ श्रीचक्रमय्यै नमः
699. ॐ श्रीपीठस्थायै नमः
700. ॐ श्रीपीठरूपिण्यै नमः
701. ॐ बिन्दुमण्डलमध्यस्थायै नमः
702. ॐ त्रिकोणान्तरसंस्थितायै नमः
703. ॐ अष्टकोणगतायै नमः
704. ॐ दशकोणस्थितायै नमः
705. ॐ चतुर्दशारचक्रस्थायै नमः
706. ॐ सर्वयन्त्रमय्यै नमः
707. ॐ सर्वचक्रमय्यै नमः
708. ॐ नवचक्रेश्यै नमः
709. ॐ चक्रराजनिलयायै नमः
710. ॐ खड्गमालिन्यै नमः
711. ॐ गदाधारिण्यै नमः
712. ॐ शङ्खधारिण्यै नमः
713. ॐ चक्रधारिण्यै नमः
714. ॐ पद्मधारिण्यै नमः
715. ॐ धनुर्धारिण्यै नमः
716. ॐ बाणधारिण्यै नमः
717. ॐ पाशधारिण्यै नमः
718. ॐ अङ्कुशधारिण्यै नमः
719. ॐ वज्रधारिण्यै नमः
720. ॐ शूलधारिण्यै नमः
721. ॐ त्रिशूलधारिण्यै नमः
722. ॐ परशुधारिण्यै नमः
723. ॐ चापधारिण्यै नमः
724. ॐ खेटकधारिण्यै नमः
725. ॐ दण्डधारिण्यै नमः
726. ॐ मुण्डमालाधरायै नमः
727. ॐ वरदायै नमः
728. ॐ अभयदायै नमः
729. ॐ वराभयकरायै नमः
730. ॐ सर्वायुधरायै नमः
731. ॐ सर्वशस्त्रधारिण्यै नमः
732. ॐ सर्वास्त्रधारिण्यै नमः
733. ॐ सिंहवाहिन्यै नमः
734. ॐ गरुडवाहिन्यै नमः
735. ॐ हंसवाहिन्यै नमः
736. ॐ मयूरवाहिन्यै नमः
737. ॐ वृषवाहिन्यै नमः
738. ॐ गजवाहिन्यै नमः
739. ॐ अश्ववाहिन्यै नमः
740. ॐ पद्मासनायै नमः
741. ॐ पद्मसंस्थायै नमः
742. ॐ पद्मपत्रनिभेक्षणायै नमः
743. ॐ पद्मपत्रायताक्ष्यै नमः
744. ॐ पद्मनयनायै नमः
745. ॐ पद्मलोचनायै नमः
746. ॐ पद्मवक्त्रायै नमः
747. ॐ पद्महस्तायै नमः
748. ॐ पद्मपादायै नमः
749. ॐ पद्मनाभप्रियायै नमः
750. ॐ पद्मकिञ्जल्कवासिन्यै नमः
751. ॐ पद्मरागसमप्रभायै नमः
752. ॐ पद्मगर्भायै नमः
753. ॐ पद्मसम्भवायै नमः
754. ॐ पद्मवर्णायै नमः
755. ॐ पद्मवासिन्यै नमः
756. ॐ कमलासनायै नमः
757. ॐ कमलवासिन्यै नमः
758. ॐ कमलहस्तायै नमः
759. ॐ कमलप्रभायै नमः
760. ॐ कमलदलाक्ष्यै नमः
761. ॐ कमलनयनायै नमः
762. ॐ सरोजवदनायै नमः
763. ॐ सरोजहस्तायै नमः
764. ॐ सरोजपादायै नमः
765. ॐ अरविन्ददलायताक्ष्यै नमः
766. ॐ अरविन्दनिभाननायै नमः
767. ॐ नलिन्यै नमः
768. ॐ नलिनपत्राक्ष्यै नमः
769. ॐ पुण्डरीकाक्षवल्लभायै नमः
770. ॐ पुण्डरीकनयनायै नमः
771. ॐ बिल्वपत्रप्रियायै नमः
772. ॐ बिल्ववनस्थितायै नमः
773. ॐ बिल्वमूलनिवासिन्यै नमः
774. ॐ तुलसीवनवासिन्यै नमः
775. ॐ तुलसीदलप्रियायै नमः
776. ॐ दूर्वाङ्कुरप्रियायै नमः
777. ॐ अपामार्गप्रियायै नमः
778. ॐ शमीपत्रप्रियायै नमः
779. ॐ आम्रपल्लवशोभितायै नमः
780. ॐ कदम्बकुसुमप्रियायै नमः
781. ॐ चम्पककुसुमप्रियायै नमः
782. ॐ मल्लिकाकुसुमप्रियायै नमः
783. ॐ जातीकुसुमप्रियायै नमः
784. ॐ यूथिकाकुसुमप्रियायै नमः
785. ॐ पाटलकुसुमप्रियायै नमः
786. ॐ करवीरकुसुमप्रियायै नमः
787. ॐ रक्तपुष्पप्रियायै नमः
788. ॐ श्वेतपुष्पप्रियायै नमः
789. ॐ पीतपुष्पप्रियायै नमः
790. ॐ नीलोत्पलप्रियायै नमः
791. ॐ रक्तोत्पलप्रियायै नमः
792. ॐ श्वेतोत्पलप्रियायै नमः
793. ॐ कुमुदप्रियायै नमः
794. ॐ कैरवप्रियायै नमः
795. ॐ सौगन्धिकप्रियायै नमः
796. ॐ सर्वपुष्पमय्यै नमः
797. ॐ पुष्पमालाधरायै नमः
798. ॐ पुष्पभूषणायै नमः
799. ॐ गन्धमालिन्यै नमः
800. ॐ गन्धप्रियायै नमः
801. ॐ चन्दनप्रियायै नमः
802. ॐ अगरुप्रियायै नमः
803. ॐ कर्पूरप्रियायै नमः
804. ॐ कस्तूरीतिलकाञ्चितायै नमः
805. ॐ कुङ्कुमप्रियायै नमः
806. ॐ सिन्दूरप्रियायै नमः
807. ॐ अलक्तकरञ्जितायै नमः
808. ॐ कज्जलशोभितायै नमः
809. ॐ नानालङ्कारभूषितायै नमः
810. ॐ नानावस्त्रधरायै नमः
811. ॐ नानाभरणमण्डितायै नमः
812. ॐ हारकेयूरशोभितायै नमः
813. ॐ नूपुरध्वनिमञ्जुलायै नमः
814. ॐ किङ्किणीजालशोभितायै नमः
815. ॐ मेखलाभूषितायै नमः
816. ॐ काञ्चीगुणशोभितायै नमः
817. ॐ रत्नकङ्कणभूषितायै नमः
818. ॐ रत्नाङ्गुलीयशोभितायै नमः
819. ॐ रत्ननूपुरमञ्जुलायै नमः
820. ॐ मुकुटोज्ज्वलायै नमः
821. ॐ किरीटमकुटोज्ज्वलायै नमः
822. ॐ चूडामणिविभूषितायै नमः
823. ॐ ताटङ्कयुगशोभितायै नमः
824. ॐ नासामौक्तिकशोभितायै नमः
825. ॐ ग्रैवेयकविभूषितायै नमः
826. ॐ केयूरचतुष्टयशोभितायै नमः
827. ॐ सर्वाभरणभूषितायै नमः
828. ॐ सर्वलक्षणलक्षितायै नमः
829. ॐ सर्वसुलक्षणायै नमः
830. ॐ सुमुख्यै नमः
831. ॐ सुनेत्रायै नमः
832. ॐ सुभ्रुवे नमः
833. ॐ सुनासिकायै नमः
834. ॐ सुदत्यै नमः
835. ॐ सुकपोलायै नमः
836. ॐ सुकर्णायै नमः
837. ॐ सुग्रीवायै नमः
838. ॐ सुस्कन्धायै नमः
839. ॐ सुबाहवे नमः
840. ॐ सुकरायै नमः
841. ॐ सुअङ्गुल्यै नमः
842. ॐ सुनखायै नमः
843. ॐ सुस्तन्यै नमः
844. ॐ सुहृदयायै नमः
845. ॐ सुमध्यायै नमः
846. ॐ सुनाभये नमः
847. ॐ सुजघनायै नमः
848. ॐ सुगुल्फायै नमः
849. ॐ सुपादायै नमः
850. ॐ सुअङ्ग्यै नमः
851. ॐ सर्वाङ्गसुन्दर्यै नमः
852. ॐ सर्वसौन्दर्यशालिन्यै नमः
853. ॐ सर्वलावण्यमय्यै नमः
854. ॐ सर्वकान्तिमय्यै नमः
855. ॐ सर्वशोभामय्यै नमः
856. ॐ सर्वश्रीमय्यै नमः
857. ॐ महाश्रीमय्यै नमः
858. ॐ श्रीमय्यै नमः
859. ॐ श्रीकर्यै नमः
860. ॐ श्रीदायै नमः
861. ॐ श्रीनिवासायै नमः
862. ॐ श्रीनिकेतनायै नमः
863. ॐ श्रीपरायै नमः
864. ॐ श्रीमतयै नमः
865. ॐ श्रीमत्यै नमः
866. ॐ श्रीकान्तायै नमः
867. ॐ श्रीपतिप्रियायै नमः
868. ॐ श्रीवत्सवक्षसे नमः
869. ॐ श्रीवासायै नमः
870. ॐ श्रीधरप्रियायै नमः
871. ॐ मङ्गलायै नमः
872. ॐ मङ्गलरूपिण्यै नमः
873. ॐ मङ्गलदायिन्यै नमः
874. ॐ माङ्गल्यदायिन्यै नमः
875. ॐ सर्वमाङ्गल्ययुक्तायै नमः
876. ॐ सर्वमाङ्गल्यदायिन्यै नमः
877. ॐ शुभायै नमः
878. ॐ शुभरूपिण्यै नमः
879. ॐ शुभदायिन्यै नमः
880. ॐ शुभङ्कर्यै नमः
881. ॐ शुभलक्षणायै नमः
882. ॐ कल्याण्यै नमः
883. ॐ कल्याणरूपिण्यै नमः
884. ॐ कल्याणदायिन्यै नमः
885. ॐ वरदायै नमः
886. ॐ वररूपिण्यै नमः
887. ॐ वरदायिन्यै नमः
888. ॐ वरारोहायै नमः
889. ॐ वरलक्षणायै नमः
890. ॐ वरणीयायै नमः
891. ॐ वरेण्यायै नमः
892. ॐ वरिष्ठायै नमः
893. ॐ वरदायिकायै नमः
894. ॐ श्रेष्ठायै नमः
895. ॐ श्रेष्ठरूपिण्यै नमः
896. ॐ ज्येष्ठायै नमः
897. ॐ ज्येष्ठरूपिण्यै नमः
898. ॐ श्रेष्ठलक्ष्म्यै नमः
899. ॐ मह्यै नमः
900. ॐ महीरूपिण्यै नमः
901. ॐ महिमवत्यै नमः
902. ॐ महिम्न्यै नमः
903. ॐ गरिम्ण्यै नमः
904. ॐ लघिम्न्यै नमः
905. ॐ अणिम्न्यै नमः
906. ॐ प्राप्त्यै नमः
907. ॐ प्राकाम्यै नमः
908. ॐ ईशित्वायै नमः
909. ॐ वशित्वायै नमः
910. ॐ अष्टसिद्धिदायिन्यै नमः
911. ॐ नवसिद्धिदायिन्यै नमः
912. ॐ सर्वसिद्धिदायिन्यै नमः
913. ॐ सिद्धलक्ष्म्यै नमः
914. ॐ सिद्धिदात्र्यै नमः
915. ॐ सिद्धरूपिण्यै नमः
916. ॐ ऋद्धिदायै नमः
917. ॐ ऋद्धिरूपिण्यै नमः
918. ॐ वृद्धिदायै नमः
919. ॐ वृद्धिरूपिण्यै नमः
920. ॐ समृद्धिदायै नमः
921. ॐ समृद्धिरूपिण्यै नमः
922. ॐ पुष्टिदायै नमः
923. ॐ पुष्टिरूपिण्यै नमः
924. ॐ तुष्टिदायै नमः
925. ॐ तुष्टिरूपिण्यै नमः
926. ॐ सन्तुष्टायै नमः
927. ॐ परितुष्टायै नमः
928. ॐ सम्पुष्टायै नमः
929. ॐ हृष्टायै नमः
930. ॐ प्रहृष्टायै नमः
931. ॐ प्रफुल्लवदनायै नमः
932. ॐ प्रसन्नवदनायै नमः
933. ॐ स्मितवदनायै नमः
934. ॐ स्मेराननायै नमः
935. ॐ सुहासिन्यै नमः
936. ॐ प्रहासिन्यै नमः
937. ॐ मन्दहासिन्यै नमः
938. ॐ मन्दस्मितमुख्यै नमः
939. ॐ चारुहासिन्यै नमः
940. ॐ चारुमुख्यै नमः
941. ॐ चारुनेत्रायै नमः
942. ॐ चारुकर्णायै नमः
943. ॐ चारुनासिकायै नमः
944. ॐ चारुदत्यै नमः
945. ॐ चारुकपोलायै नमः
946. ॐ चारुग्रीवायै नमः
947. ॐ चारुबाहवे नमः
948. ॐ चारुस्तन्यै नमः
949. ॐ चारुमध्यायै नमः
950. ॐ चारुजघनायै नमः
951. ॐ चारुपादायै नमः
952. ॐ चार्वङ्ग्यै नमः
953. ॐ चारुभूषणायै नमः
954. ॐ चारुवस्त्रायै नमः
955. ॐ चारुमाल्यायै नमः
956. ॐ चारुगन्धायै नमः
957. ॐ चारुलेपनायै नमः
958. ॐ मनोहारिण्यै नमः
959. ॐ मनोज्ञायै नमः
960. ॐ मनोरमायै नमः
961. ॐ मनःप्रियायै नमः
962. ॐ चित्ताकर्षिण्यै नमः
963. ॐ चित्तप्रियायै नमः
964. ॐ हृदयप्रियायै नमः
965. ॐ हृदयस्थायै नमः
966. ॐ हृदयङ्गमायै नमः
967. ॐ हृदयाह्लादिन्यै नमः
968. ॐ प्रेमास्पदायै नमः
969. ॐ प्रियंवदायै नमः
970. ॐ प्रियदर्शनायै नमः
971. ॐ दर्शनीयायै नमः
972. ॐ रमणीयायै नमः
973. ॐ कमनीयायै नमः
974. ॐ वन्दनीयायै नमः
975. ॐ पूजनीयायै नमः
976. ॐ अर्चनीयायै नमः
977. ॐ नमस्यायै नमः
978. ॐ स्तव्यायै नमः
979. ॐ स्तुत्यायै नमः
980. ॐ गेयायै नमः
981. ॐ ध्येयायै नमः
982. ॐ ज्ञेयायै नमः
983. ॐ भाव्यायै नमः
984. ॐ भजनीयायै नमः
985. ॐ सेवनीयायै नमः
986. ॐ आश्रयणीयायै नमः
987. ॐ शरणागतवत्सलायै नमः
988. ॐ शरण्यायै नमः
989. ॐ शरणागतपालिन्यै नमः
990. ॐ शरणागतरक्षिण्यै नमः
991. ॐ आर्तत्राणपरायणायै नमः
992. ॐ आर्तिहर्त्र्यै नमः
993. ॐ दीनबन्धवे नमः
994. ॐ दीनवत्सलायै नमः
995. ॐ कृपावत्यै नमः
996. ॐ कृपासिन्धवे नमः
997. ॐ करुणासागरायै नमः
998. ॐ दयासागरायै नमः
999. ॐ क्षमासागरायै नमः
1000. ॐ महालक्ष्म्यै नमः

॥ फलश्रुति ॥
सहस्रनामैतद् दिव्यं महालक्ष्म्याः प्रकीर्तितम्।
यः पठेत् श्रद्धया युक्तो दरिद्रस्तु न जायते॥
प्रातःकाले शुचिर्भूत्वा यः पठेद् भक्तिसंयुतः।
गृहे तस्य वसेल्लक्ष्मीः स्थिरा भूत्वा न संशयः॥
दीपावल्यां विशेषेण यः पठेत् साधकोत्तमः।
सर्वकामानवाप्नोति लक्ष्मीस्तस्य प्रसीदति॥
अर्थ: जो व्यक्ति श्रद्धापूर्वक इस सहस्रनाम का पाठ करता है, वह कभी दरिद्र नहीं होता। प्रातःकाल पवित्र होकर भक्तिपूर्वक पाठ करने वाले के घर में लक्ष्मी स्थिर निवास करती हैं, इसमें कोई संदेह नहीं। दीपावली की रात्रि को विशेष रूप से पाठ करने वाला साधक समस्त कामनाओं को प्राप्त करता है और लक्ष्मी उस पर प्रसन्न होती हैं।
Aal Vandar Stotram
stotrashrijirasik
यत्पादाम्भोरुहध्यान विध्वस्ताशेषकल्मषःवस्तुतामुपयातोहं यामुनेयं नमामि तम्॥
स्वादयन्निह सर्वेषां त्रय्यन्तार्थं सुदुर्ग्रहम्स्तोत्रयामास योगीन्द्रस्तं वन्दे यमुनाह्वयम्॥
नमो नमो यामुनाय यामुनाय नमो नमः॥नमो नमो यामुनाय यामुनाय नमो नमः॥
नमो यामुनपादाब्जरेणुभिः पावितात्मनेविदिताखिलवेद्याय गुरवे विदितात्मने॥
नमोऽचिन्त्याद्भुताक्लिष्टज्ञानवैराग्यराशयेनाथाय मुनयेऽगाधभगवद्भक्तिसिन्धवे ॥१॥
तस्मै नमो मधुजिदङ्घ्रिसरोजतत्व- ज्ञानानुरागमहिमातिशयान्तसीम्ने॥
नाथाय नाथमुनयेऽत्र परत्र चापिनित्यं यदीयचरणौ शरणं मदीयम् ॥२॥
भूयो नमोऽपरिमिताच्युतभक्तितत्व-ज्ञानामृताब्धिपरिवाहशुभैर्वचोभिः ॥
लोकेऽवतीर्णपरमार्थसमग्रभक्ति-योगाय नाथमुनये यमिनां वराय ॥ ३ ॥
तत्वेन यश्चिदचिदीश्वरतत्स्वभाव-भोगापवर्ग तदुपायगतीरुदारः ॥
सन्दर्शयन्निरमिमीत पुराणरत्नम्तस्मै नमो मुनिवराय पराशराय ॥ ४ ॥
माता पिता युवतयस्तनया विभूतिःसर्वं यदेव नियमेन मदन्वयानाम् ॥
आद्यस्य नः कुलपतेर्बकुलाभिरामम्श्रीमत्तदङ्घ्रियुगलं प्रणमामि मूर्ध्ना ॥ ५ ॥
यन्मूर्ध्नि मे श्रुतिशिरस्सु च भाति यस्मिन्अस्मन्मनोरथपथः सकलः समेति ॥
स्तोष्यामि नः कुलधनं कुलदैवतं तत्पादारविन्दमरविन्दविलोचनस्य ॥ ६ ॥
तत्वेन यस्य महिमार्णवशीकराणुःशक्यो न मातुमपि शर्वपितामहाद्यैः ॥
कर्तुं तदीयमहिमस्तुतिमुद्यतायमह्यं नमोऽस्तु कवये निरपत्रपाय ॥ ७ ॥
यद्वा श्रमावधि यथामति वाऽप्यशक्तःस्तौम्येवमेव खलु तेऽपि सदा स्तुवन्तः ॥
वेदाश्चतुर्मुखमुखाश्च महार्णवान्तःको मज्जतोरणुकुलाचलयोर्विशेषः ॥ ८ ॥
किञ्चैष शक्त्यतिशयेन न तेऽनुकम्प्यःस्तोताऽपि तु स्तुतिकृतेन परिश्रमेण ॥
तत्र श्रमस्तु सुलभो मम मन्दबुद्धे-रित्युद्यमोऽयमुचितो मम चाब्जनेत्र ॥ ९ ॥
नावेक्षसे यदि ततो भुवनान्यमूनिनालं प्रभो भवितुमेव कुतः प्रवृत्तिः ॥
एवं निसर्गसुहृदि त्वयि सर्वजन्तोःस्वामिन्न चित्रमिदमाश्रितवत्सलत्वम् ॥ १० ॥
स्वाभाविकानवधिकातिशयेशितृत्वम्नारायण ! त्वयि न मृष्यति वैदिकः कः ॥
ब्रह्मा शिवः शतमखः परम स्वराडि-त्येतेऽपि यस्य महिमार्णवविप्रुषस्ते ॥ ११ ॥
कः श्रीः श्रियः परमसत्वसमाश्रयः कःकः पुण्डरीकनयनः पुरुषोत्तमः कः ॥
कस्यायुतयुतशतैककलांशकांशेविश्वं विचित्रचिदचित्प्रविभागवृत्तम् ॥ १२ ॥
वेदापहारगुरुपातकदैत्यपीडा-द्यापद्विमोचनमहीष्ठफलप्रदानैः ॥
कोऽन्यः प्रजापशुपती परिपाति कस्यपादोदकेन स शिवः स्वशिरोधृतेन ॥ १३ ॥
कस्योदरे हरविरिञ्चिमुख प्रपञ्चःको रक्षतीममजनिष्ट च कस्य नाभेः ॥
क्रान्त्वा निगीर्य पुनरुद्गिरति त्वदन्यःकः केन चैष परवानिति शक्यशङ्कः ॥ १४ ॥
त्वां शीलरूपचरितैः परमप्रकृष्ट—सत्वेन सात्विकतया प्रबलैश्च शास्त्रैः ॥
प्रख्यातदैवपरमार्थविदां मतैश्चनैवासुरप्रकृतयः प्रभवन्ति बोद्धुम् ॥ १५ ॥
उल्लङ्घितत्रिविधसीमसमातिशायिसंभावनं तव परिव्रढिमस्वभावम् ॥
मायाबलेन भवताऽपि निगूह्यमानम्पश्यन्ति केचिदनिशं त्वदनन्यभावाः ॥ १६ ॥
यदण्डमण्डान्तरगोचरं च यद्दशोत्तराण्यावरणानि यानि च ॥
गुणाः प्रधानं पुरुषः परं पदम्परात्परं ब्रह्म च ते विभू तयः ॥ १७ ॥
वशी वदान्यो गुणवानृजुः शुचि—र्मृदुर्दयालुर्मधुरः स्थिरः समः ॥
कृती कृतज्ञस्त्वमसि स्वभावतःसमस्तकल्याणगुणामृतोदधिः ॥ १८ ॥
उपर्य्युपर्यब्जभुवोऽपि पूरुषान्प्रकल्प्य ते ये शतमित्यनुक्रमात् ॥
गिरस्त्वदेकैकगुणावधीप्सयासदा स्थिता नोद्यमतोऽतिशेरते ॥ १९ ॥
त्वदाश्रितानां जगदुद्भवस्थिति—प्रणाशसंसारविमोचनादयः ॥
भवन्ति लीलाविधयश्च वैदिका-स्त्वदीयगम्भीरमनोऽनुसारिणः ॥ २० ॥
नमो नमो वाङ्मनसातिभूमयेनमो नमो वाङ्मनसैकभूमये ॥
नमो नमोऽनन्तमहाविभूतयेनमो नमोऽनन्तदयैकसिन्धवे ॥ २१ ॥
न धर्मनिष्ठोऽस्मि न चात्मवेदीन भक्तिमांस्त्वच्चरणारविन्दे ॥
अकिञ्चनोऽनन्यगतिः शरण्यत्वत्पादमूलं शरणं प्रपद्ये ॥ २२ ॥
न निन्दितं कर्म तदस्ति लोकेसहस्रशो यन्न मया व्यधायि ॥
सोऽहं विपाकावसरे मुकुन्दक्रन्दामि सम्प्रत्यगतिस्तवाग्रे ॥ २३ ॥
निमज्जतोऽनन्तभवार्णनन्तःचिराय मे कूलमिवासि लब्धः ॥
त्वयाऽपि लब्धं भगवन्निदानी—मनुत्तमं पात्रमिदं दयायाः ॥ २४ ॥
अभूतपूर्वं मम भावि किं वासर्वं सहे मे सहजं हि दुःखम् ॥
किन्तु त्वदग्रे शरणागतानाम्पराभवो नाथ न तेऽनुरुपः ॥ २५ ॥
निरासकस्यापि न तावदुत्सहेमहेश हातुं तव पादपङ्कजम् ॥
रुषा निरस्तोऽपि शिशुः स्तनन्धयोन जातु मातुश्चरणौ जिहासति ॥ २६ ॥
तवामृतस्यन्दिनि पादपंङ्कजेनिवेशितात्मा कथमन्यदिच्छति ॥
स्थितेऽरविन्दे मकरन्दनिर्भरेमधुव्रतो नेक्षुरकं हि वीक्षते ॥ २७ ॥
त्वदङ्घ्रिमुद्दिश्य कदाऽपि केनचिद्यथा तथा वाऽपि सकृत्कृतोऽञ्जलिः ॥
तदैव मुष्णात्यशुभान्यशेषतःशुभानि पुष्णाति न जातु हीयते ॥ २८ ॥
उदीर्णसंसारदवाशुशुक्षणिम्क्षणेन निर्वाप्य परां च निर्वृ त्तिम् ॥
प्रयच्छति त्वच्चरणारुणाम्बुज—द्वयानुरागामृतसिन्धुशीकरः ॥ २९ ॥
विलासविक्रान्तपरावरालयम्नमस्यदार्तिक्षपणे कृतक्षणम् ॥
धनं मदीयं तव पादपङ्कजम्कदा नु साक्षात्करवाणि चक्षुषा ॥ ३० ॥
कदा पुनः शङ्खरथाङ्गकल्पक—ध्वजारविन्दाङ्कुशवज्रलाञ्छनम् ॥
त्रिविक्रम ! त्वच्चरणाम्बुजद्वयम्मदीयमूर्धानमलङ्करिष्यति ॥ ३१ ॥
विराजमानोज्ज्वलपीतवाससम्स्मितातसीसूनसमामलच्छविम् ॥
निमग्ननाभिं तनुमध्यमुन्नतम्विशालवक्षःस्थलशोभिलक्षणम् ॥ ३२ ॥
चकासतं ज्याकिणकर्कशैः शुभै—श्चतुर्भिराजानुविलम्बिभिर्भुजैः ॥
प्रियावतंसोत्पलकर्णभूषण—श्लथालकाबन्धविमर्दशंसिभिः ॥ ३३ ॥
उदग्रपीनांसविलम्बिकुण्डलालकावलीबन्धुरकम्बुकन्धरम् ॥
मुखश्रिया न्यक्कृतपूर्णनिर्मलामृतांशुविम्बाम्बुरुहोज्ज्वलश्रियम् ॥ ३४ ॥
प्रबुद्ध मुग्धाम्बुजचारुलोचनम्सविभ्रमभ्रूलतमुज्ज्वलाधरम् ॥
शुचिस्मितं कोमलगण्डमुन्नसम्ललाटपर्यन्तविलम्बितालकम् ॥ ३५ ॥
स्फुरत्किरीटाङ्गदहारकण्ठिकामणीन्द्रकाञ्चीगुणनूपुरादिभिः ॥
रथाङ्गशङ्खासिगदाधनुर्वरै—र्लसत्तुलस्या वनमालयोज्ज्वलम् ॥ ३६ ॥
चकर्थ यस्या भवनं भुजान्तरम्तव प्रियं धाम यदीयजन्मभूः ॥
जगत्समस्तं यदपाङ्गसंश्रयम्यदर्थमम्भोधिरमन्थ्यबन्धि च ॥ ३७ ॥
स्ववैश्वरुप्येण सदाऽनुभूतया—प्यपूर्ववद्विस्मयमादधानया ॥
गुणेन रुपेण विलासचेष्टितैःसदा तवैवोचितया तव श्रिया ॥ ३८ ॥
तया सहासीनमनन्तभोगिनिप्रकृष्टविज्ञानबलैकधामनि ॥
फणामणिव्रातमयू खमण्डलप्रकाशमानोदरदिव्यधामनि ॥ ३९ ॥
निवासशय्यासनपादुकांशुको—पधानवर्षातपवारणादिभिः ॥
शरीरभेदैस्तव शेषतां गतै—र्यथोचितं शेष इतीरिते जनैः ॥ ४० ॥
दासः सखा वाहनमासनं ध्वजोयस्ते वितानं व्यजनं त्रयीमयः ॥
उपस्थितं तेन पुरो गरुत्मतात्वदङ्घ्रिसम्मर्द किणाङ्कशोभिना ॥ ४१ ॥
त्वदीयभुक्तोज्झितशेषभोजिनात्वया निसृष्टात्मभरेण यद्यथा ॥
प्रियेण सेनापतिना निवेदितम्तथाऽनुजानन्तमुदारवीक्षणैः ॥ ४२ ॥
हताखिलक्लेशमलैः स्वभावतःसदानुकूल्यैकरसैस्तवोचितैः ॥
गृहीततत्तत्परिचारसाधनै—र्निषेव्यमाणं सचिवैर्यथोचितम् ॥ ४३ ॥
अपूर्वनानारसभावनिर्भर—प्रबुद्धया मुग्धविदग्धलीलया ॥
क्षणाणुवत्क्षिप्तपरादिकालयाप्रहर्षयन्तं महिषीं महाभुजम् ॥ ४४ ॥
अचिन्त्यदिव्याद्भुतनित्ययौवन—स्वभावलावण्यमयामृतोदधिम् ॥
श्रियः श्रियं भक्तजनैकजीवितम्समर्थमापत्सखमर्थिकल्पकम् ॥ ४५ ॥
भवन्तमेवानुचरन्निरन्तरम्प्रशान्तनिःशेषमनोरथान्तरः ॥
कदाऽहमैकान्तिकनित्यकिङ्करःप्रहर्षयिष्यामि सनाथजीवितः ॥ ४६ ॥
धिगशुचिमविनीतं निर्दयं मामलज्जम्परमपुरुष योऽहं योगिवर्याग्रगण्यैः ॥
विधिशिवसनकाद्यैर्ध्यातुमत्यन्तदूरम्तव परिजनभावं कामये कामवृत्तः ॥ ४७ ॥
अपराधसहस्रभाजनम्पतितं भीमभवार्णवोदरे ॥अ
गतिं शरणागतं हरेकृपया केवलमात्मसात्कुरु ॥ ४८ ॥
अविवेकघनान्धदिङ्मुखेबहुधा सन्ततदुःखवर्षिणि ॥
भगवन् भवदुर्दिने पथ—स्खलितं मामवलोकयाच्युत ॥ ४९ ॥
न मृषा परमार्थमेव मेश्रृणु विज्ञापनमेकमग्रतः ॥
यदि मे न दयिष्यसे ततोदयनीयस्तव नाथ दुर्लभः ॥ ५० ॥
तदहं त्वदृते न नाथवान्मदृते त्वं दयनीयवान् न च ॥
विधिनिर्मितमेतदन्वयम्भगवन् पालय मास्म जीहपः ॥ ५१ ॥
वपुरादिषु योऽपि कोऽपि वागुणतोऽसानि यथातथाविधः ॥
तदयं तव पादद्मयो—रहमद्यैव मया समर्पितः ॥ ५२ ॥
मम नाथ यदस्ति योऽस्म्यहम्सकलं तद्धि तवैव माधव ॥
नियतस्वमिति प्रबुद्धधी-रथवा किं नु समर्पयामि ते ॥ ५३ ॥
अवबोधितवानिमां यथामयि नित्यां भवदीयतां स्वयम् ॥
कृपयैवमनन्यभोग्यताम्भगवन् भक्तिमपि प्रयच्छ मे ॥ ५४ ॥
तव दास्यसुखैकसङ्गिनाम्भवनेष्वस्त्वपि कीटजन्म मे ॥
इतरावसथेषु मास्म भू —दपि मे जन्म चतुर्मु खात्मना ॥ ५५ ॥
सकृत्त्वदाकारविलोकनाशयातृणीकृतानुत्तमभुक्तिमुक्तिभिः ॥
महात्मभिर्मामवलोक्यतां नयक्षणेऽपि ते यद्विरहोऽतिदुःसहः ॥ ५६ ॥
नदेहं न प्राणान्न च सुखमशेषाऽभिलषितंन चात्मानं नान्यत्किमपि तव शेषत्वविभवात् ॥
बहिर्भूतं नाथ क्षणमपि सहे यातु शतधाविनाशं तत्सत्यं मधुमथन विज्ञापनमिदम् ॥ ५७ ॥
दुरन्तस्यानादेरपरिहरणीयस्य महतोविहीनाचारोऽहं नृपशुरशुभस्यास्पदमपि ॥
दयासिन्धो ! बन्धो ! निरवधिकवात्सल्यजलधेतव स्मारं स्मारं गुणगणमितीच्छामि गतभीः ॥ ५८ ॥
अनिच्छन्नप्येवं यदि पुनरितीच्छन्निव रज-स्तमश्छन्नच्छद्मस्तुतिवचनभङ्गीमरचयम् ॥
तथाऽपीत्थं रूपं वचनमवलम्ब्याऽपि कृपयात्वमेवैवंभूतं धरणिधर ! मे शिक्षय मनः ॥ ५९ ॥
पिता त्वं माता त्वं दयित तनयस्त्वं प्रियसुहृत्त्वमेव त्वं मित्रं गुरुरपि गतिश्चासि जगताम् ॥
त्वदीयस्त्वद्भृत्यस्तव परिजनस्त्वद्गतिरहम्प्रपन्नश्चैवं सत्यहमपि तवैवास्मि हि भरः ॥ ६० ॥
जनित्वाऽहं वंशे महति जगति ख्यातयशसाम्शुचीनां युक्तानां गुणपुरुषतत्वस्थितिविदाम् ॥
निसर्गादेव त्वच्चरणकमलैकान्त मनसामधोऽधः पापात्मा शरणद निमज्जामि तमसि ॥ ६१ ॥
अमर्यादः क्षुद्रश्चलमतिरसूयाप्रसवभूःकृतघ्नो दुर्मानी स्मरपरवशो वञ्चनपरः ॥
नृशंसः पापिष्ठः कथमहमितो दुःखजलधे-रपारादुत्तीर्णस्तव परिचरेयं चरणयोः ॥ ६२ ॥
रघुवर ! यदभूस्त्वं तादृशो वायसस्यप्रणत इति दयालुर्यच्च चैद्यस्य कृष्ण ॥
प्रतिभवमपराद्धुर्मुग्ध ! सायुज्यदोऽभू —र्वद किमपदमागस्तस्य तेऽस्ति क्षमायाः ॥ ६३ ॥
ननु प्रपन्नः सकृदेवनाथतवाहमस्मीति च याचमानः ॥
तवानुकम्प्यः स्मरत: प्रतिज्ञांमदेकवर्ज्यं किमिदं व्रतं ते ॥ ६४ ॥
अकृत्रिमत्वच्चरणारविन्दप्रेमप्रकर्षावधिमात्मवन्तम् ॥
पितामहं नाथमुनिं विलोक्यप्रसीद मद्-वृत्तमचिन्तयित्वा ॥ ६५ ॥
यत्पादाम्भोरुहध्यानविध्वस्ताशेषकल्मषःवस्तुतामुपयातोऽहं यामुनेयं नमामि तम् ॥
॥ इति स्तोत्ररत्नम् ॥
Shri Kanak Dhara Stotram
stotraShrijirasik
श्रीकनकधारास्तोत्रम् *
अङ्गं हरेः पुलकभूषणमाश्रयन्ती भृङ्गाङ्गनेव मुकुलाभरणं तमालम्।
अङ्गीकृताखिलविभूतिरपाङ्गलीला माङ्गल्यदाऽस्तु मम मङ्गलदेवतायाः ॥ १ ॥
मुग्धा मुहुर्विदधती वदने मुरारेः प्रेमत्रपाप्रणिहितानि गतागतानि ।
माला दृशोर्मधुकरीव महोत्पले या सा मे श्रियं दिशतु सागरसम्भवायाः ॥ २ ॥
मुरविद्विषोऽपि। विश्वामरेन्द्रपदविभ्रमदानदक्षमानन्दहेतुरधिकं ।
ईषन्निषीदतु मयि क्षणमीक्षणार्धमिन्दीवरोदरसहोदरमिन्दिरायाः ॥ ३॥
आमीलिताक्षमधिगम्य मुदा मुकुन्दमानन्दकन्दमनिमेषमनङ्गतन्त्रम् ।
आकेकरस्थितकनीनिकपक्ष्मनेत्रं भूत्यै भवेन्मम भुजङ्गशयाङ्गनायाः ॥ ४ ॥
बाह्वन्तरे मधुजितः श्रितकौस्तुभे या हारावलीव हरिनीलमयी विभाति।
कामप्रदा भगवतोऽपि कटाक्षमाला कल्याणमावहतु मे कमलालयायाः ॥ ५ ॥
कालाम्बुदालिललितोरसि कैटभारेर्धाराधरे स्फुरति या तडिदङ्गनेव।
मातुः समस्तजगतां महनीयमूर्तिर्भद्राणि मे दिशतु भार्गवनन्दनायाः ॥ ६ ॥
प्राप्तं पदं प्रथमतः किल यत्प्रभावान्माङ्गल्यभाजि मधुमाथिनि मन्मथेन।
मय्यापतेत्तदिह मन्थरमीक्षणार्धं मन्दालसं च मकरालयकन्यकायाः ॥ ७ ॥
दद्याद्दयानुपवनो द्रविणाम्बुधारामस्मिन्नकिञ्चनविहङ्गशिशौ विषण्णे ।
दुष्कर्मघर्ममपनीय चिराय दूरं नारायणप्रणयिनीनयनाम्बुवाहः॥८ ॥
इष्टा विशिष्टमतयोऽपि यया दयार्द्रदृष्ट्या त्रिविष्टपपदं सुलभं लभन्ते।
दृष्टिः प्रहृष्टकमलोदरदीप्तिरिष्टां पुष्टिं कृषीष्ट मम पुष्करविष्टरायाः ॥ ९ ॥
गीर्देवतेति गरुडध्वजसुन्दरीति शाकम्भरीति शशिशेखरवल्लभेति
सृष्टिस्थितिप्रलयकेलिषु संस्थितायै तस्यै नमस्त्रिभुवनैकगुरोस्तरुण्यै ॥१० ॥
श्रुत्यै नमोऽस्तु शुभकर्मफलप्रसूत्यै रत्यै नमोऽस्तु रमणीयगुणार्णवायै ।
शक्त्यै नमोऽस्तु शतपत्रनिकेतनायै पुष्ट्यै नमोऽस्तु पुरुषोत्तमवल्लभायै ॥ ११ ॥
नमोऽस्तु नालीकनिभाननायै नमोऽस्तु दुग्धोदधिजन्मभूत्यै ।
नमोऽस्तु सोमामृतसोदरायै नमोऽस्तु नारायणवल्लभायै ॥ १२ ॥
सम्पत्कराणि सकलेन्द्रियनन्दनानि साम्राज्यदानविभवानि सरोरुहाक्षि ।
त्वद्वन्दनानि दुरिताहरणोद्यतानि मामेव मातरनिशं कलयन्तु मान्ये ॥ १३॥
यत्कटाक्षसमुपासनाविधिः सेवकस्य सकलार्थसम्पदः ।
संतनोति वचनाङ्गमानसैस्त्वां मुरारिहृदयेश्वरीं भजे ॥ १४॥
सरसिजनिलये सरोजहस्ते धवलतमांशुकगन्धमाल्यशोभे ।
भगवति हरिवल्लभे मनोज्ञे त्रिभुवनभूतिकरि प्रसीद मह्यम् ॥ १५ ॥
दिग्घस्तिभिः कनक कुम्भ मुखावसृष्ट स्वर्वाहिनी विमलचारु जलप्लुताङ्गीम् ।
प्रातर्नमामि जगतां जननीमशेष लोकाधिनाथ गृहिणीममृताब्धिपुत्रीम् ॥ १६ ॥
कमले कमलाक्षवल्लभे त्वं करुणापूरतरङ्गितैरपाङ्गैः ।
अवलोकय मामकिञ्चनानां प्रथमं पात्रमकृत्रिमं दयायाः ॥ १७॥
स्तुवन्ति ये स्तुतिभिरमूभिरन्वहं त्रयीमयीं त्रिभुवनमातरं रमाम्।
गुणाधिका गुरुतरभाग्यभागिनो भवन्ति ते भुवि बुधभाविताशयाः ॥ १८ ॥
॥ श्रीभगवत्पादशङ्करविरचितं कनकधारास्तोत्रं सम्पूर्णम् ॥
