श्री राधाजी की कृपा राधाजू!
मो पै आजु ढरौ।
निज, निज प्रीतम की पद-रज- रति, मोय प्रदान करौ।
राधा जू.....
विषम विषय रस की सब आशा, ममता तुरत हरौ।
राधाजू! मो पै आजु ढरौ
भुक्ति मुक्ति की सकल कामना, सत्वर नास करौ।
राधे जू...
निज चाकर चाकर की सेवा मोहि प्रदान करौ।
राधे जू...
राखौ सदा निकुंज निभृत में, झाड़ूदार बरो।
राधाजू! मो पै आजु ढरौ।
नहीं जानत तप भजन साधना चाहो तो पार करो।
राधे जू