॥ राधे राधे ॥
देवी-देवताओं की चालीसा
दोहा:
जय जय श्री शनिदेव प्रभु, सुनहु विनय महाराज।
करहु कृपा हे रवि तनय, राखहु जन की लाज।।
चौपाई:
जय जय शनि देव दयाला।
करत सदा भक्तन प्रतिपाला।।
चारि भुजा तन श्याम विराजे।
माथे रतन मुकुट छवि छाजे।।
पूजन सुरसरि कुसुम अनेका।
धूप दीप नैवेद्य विवेका।।