॥ राधाया हृदये कृष्णः कृष्णस्य हृदि राधिका ॥
Nar Se Nari Bane Hai Radha Ke Piya
नर से नारी बने हैं राधा के पिया
नर से नारी बने हैं राधा के पिया
नर से, नारी, बने हैं, राधा के पिया ॥
नारी, बने हैं, राधा के पिया ॥
नर से, नारी, बने हैं, राधा के...
सिर पे डलिया, डलिया में चूड़ी ॥
शोर मचाया, गलियों में, राधा के पिया ॥
नर से, नारी, बने हैं, राधा के...
माथे पे बिंदिया, मांग में टीका ॥
छम-छम, पायल बाजे, राधा के पिया ॥
नर से, नारी, बने हैं, राधा के...
अंगों में साड़ी, गोटा किनारी ॥
लम्बा, घूंघट डाले, राधा के पिया ॥
नर से, नारी, बने हैं, राधा के...
राधा ने जब, टेर सुनी है ॥
मोहन, को बुलवाया, राधा के पिया ॥
नर से, नारी, बने हैं, राधा के...
राधा को देख, श्याम मुस्कराये ॥
मन की पूरी हुई अभिलाषा, राधा के पिया ॥
नर से, नारी, बने हैं, राधा के...
राधा की जब, पकड़ी कलाई ॥
जान गई आया है छलिया, राधा के पिया ॥
नर से, नारी, बने हैं, राधा के...
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