॥ राधाया हृदये कृष्णः कृष्णस्य हृदि राधिका ॥
Main Holi Kaise Khelu Ya Sanvariya Ke Sang
Krishna - Holi ke Rashiya Bhav
Artist: Shrijirasik
मैं होली कैसे खेलू री या सांवरिया के संग रंग में...
कोरे कोरे कलश मंगाए उनमें घोरा रंग,
भर पिचकारी ऐसी मारी चोली हो गई तंग,
रंग में होली कैसे खेलूं री...
नैनन सूरमा दांतन मिस्सी रंग होत बदरंग,
मशक गुलाल मले मुख ऊपर रहे कृष्ण को संग,
रंग में होली कैसे खेलू री....
तबला बाजे सारंगी बाजे और बाजे मृदंग,
कान्हा जी की बांसुरी बाजे राधा जी के संग,
रंग में होली कैसे खेलूं री....
चुनरी भीगोई लहंगा भिगोयो छूटो किनारी रंग,
सूरदास कहै कहां भिगोए कारी कमरी अंग,
रंग में होली कैसे खेलूं री.....
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