॥ राधाया हृदये कृष्णः कृष्णस्य हृदि राधिका ॥
Hori Khele To Aiyo More Ganv Re
ऐसी होली तोहे खिलाऊँ,
दूध छटी को याद दिलाऊँ सुनले सावरे,
होली खेले तो अइयो मोरे गांव रे,
होली का बना फिरे खिलाडी देखु तेरी होली,
इतनी मार लगाऊं तोहे चस्के पोरी पोरी,
तो मैं ऐसा लठ बजाऊ तेरी होली में छुड़वाऊं
पढ़ा तोहे चाव रे,
होली खेले तो अइयो
मोरे गांव रे.......
छीन लाउन मुरली पीताम्बर कट लहंगा पहनाऊँ,
नैनन सुरमा होठं लाली चुनरी शीश उड़ाऊँ,
तोहे सुन्दर नार बनाऊँ तोहे यशोदा निकट नचाऊं,
जो लग जाए दाव रे,
होली खेले तो अइयो,
मोरे गांव रे........
यशोदा ने कैसे जाया होगा गारी दे ब्रिज नारी,
होली का तोहे मजा चखा दे याद करे महतारी,
कान खोल के सुन दारी के अइयो अइयो मत वारी के,
दिखा मत ताव रे
होली खेले तो अइयो
मोरे गांव रे.........
पांच सात ग्वालो को लेके करता फ़िरे बरजोरी
गली गली में शोर माचावे राधा गोरी गोरी
अब तूने की मनमानी अबके याद करेगा नानी
मचे जब फाग रे
होली खेले तो अइयो
मोरे गांव रे........
परम मनोहर जग से प्यारी राधे श्याम की जोड़ी
कहे रविंदर चल बरसाने वहाँ मची है होली
श्यामा श्याम कु रंग लगावे छवि हम निरख निरख सुख पावे
मन का ख़्वाब रे
होली खेले तो अइयो
मोरे गांव रे........
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