॥ नाहं स्मरामि कृष्णं तु राधास्मरणवर्जितम् ॥
Khatu Shyam - आरती
दैनिक आरती संग्रह
आरती (1)
Khatu Shyam Aarti
aartiPujya Bhai Ji
ॐ जय श्री श्याम हरे, बाबा जय श्री श्याम हरे ।
खाटू धाम विराजत, अनुपम रूप धरे॥
ॐ जय श्री श्याम हरे ॥ टेक ॥
रतन जड़ित सिंहासन, सिर पर चंवर ढुरे ।
तन केसरिया बागो, कुण्डल श्रवण पड़े ॥
ॐ जय श्री श्याम हरे ॥ टेक ॥
गल पुष्पों की माला, सिर पार मुकुट धरे ।
खेवत धूप अग्नि पर दीपक ज्योति जले ॥
ॐ जय श्री श्याम हरे ॥ टेक ॥
मोदक खीर चूरमा, सुवरण थाल भरे ।
सेवक भोग लगावत, सेवा नित्य करे ॥
ॐ जय श्री श्याम हरे ॥ टेक ॥
झांझ कटोरा और घडियावल, शंख मृदंग घुरे ।
भक्त आरती गावे, जय-जयकार करे ॥
ॐ जय श्री श्याम हरे ॥ टेक ॥
जो ध्यावे फल पावे, सब दुःख से उबरे ।
सेवक जन निज मुख से, श्री श्याम-श्याम उचरे ॥
ॐ जय श्री श्याम हरे ॥ टेक ॥
श्री श्याम बिहारी जी की आरती, जो कोई नर गावे ।
कहत भक्तजन, मनवांछित फल पावे ॥
ॐ जय श्री श्याम हरे ॥ टेक ॥
जय श्री श्याम हरे, बाबा जी श्री श्याम हरे ।
निज भक्तों के तुमने, पूरण काज करे ॥
ॐ जय श्री श्याम हरे, बाबा जय श्री श्याम हरे।
खाटू धाम विराजत, अनुपम रूप धरे॥
॥ इति ॥